comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

लॉकडाउन के बिजली बिलों में नहीं मिलेगी राहत, ऊर्जा मंत्री ने कहा अब यह विषय यहीं समाप्त  

लॉकडाउन के बिजली बिलों में नहीं मिलेगी राहत, ऊर्जा मंत्री ने कहा अब यह विषय यहीं समाप्त  

डिजिटल डेस्क, मुंबई। लॉक डाउन में बढ़े बिजली बिलों से लोगों को राहत नहीं मिलने वाली है। राज्य के ऊर्जा मंत्री नितीन राऊत ने साफ कर दिया है कि राज्य सरकार के लिए बिजली बिलों में राहत देना संभव नहीं है। भाजपा ने इसकी आलोचना करते हुए ऊर्जामंत्री के खिलाफ विधानसभा में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की बात कही है। ऊर्जा मंत्री ने साफ कर दिया है कि लॉक डाउन के दौरान आए बिजली बिल भरने पड़ेगें। उसमे किसी तरह की राहत नहीं मिल पाएगी। मीटर रिडिंग के अनुसार बिल भरना होगा। राऊत ने कहा कि बिजली इस्तेमाल करने वालों की तरह सरकारी बिजली कंपनी महावितरण भी ग्राहक है। उसे भी किसी दूसरे से बिजली खरीद कर आपूर्ति करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि हमने किश्तों में बिजली बिल भरने और बिजली बिल जमा करने पर 2 फीसदी की छूट जैसी सहुलियत दी है। ऊर्जामंत्री ने कहा कि हमनें बिजली बिलों में सहुलियत देने की कोशिश की पर इसके लिए केंद्र सरकार से कोई मदद नहीं मिल सकी। राऊत ने कहा कि 69 फीसदी बिजली बिल वसूली हो चुकी है। इस लिए बिजली बिलों में छूट का विषय समाप्त हो चुका है। क्योंकि महावितरण 69 हजार करोड़ के घाटे में है। अब हम और कर्ज नहीं ले सकते। 

गौरतलब है कि लॉक डाउन के दौरान लोगों को बढ़े बिजली बिल मिले थे। इसको लेकर विपक्ष सहित सरकार का साथ देने वाले दलों ने भी आंदोलन किया था। इसको लेकर मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की थी। लोगों की नाराजगी को देखते हुए ऊर्जामंत्री ने बिजली बिलों में सहुलियत देने की बात कही थी। इसको लेकर ऊर्जा विभाग की तरफ से मंत्रिमंडल की बैठक में 1 हजार करोड़ का प्रस्ताव भी रखा गया था। लेकिन वित्त विभाग के अड़ंगे के कारण प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी। 

ऊर्जा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव

सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए प्रदेश भाजपा प्रवक्ता राम कदम ने कहा कि यह लोगों को धोखा देने वाली सरकार है। जबकि विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रविण दरेकर ने कहा कि यह बेशर्म सरकार है, जो लोगों से वादा कर उसे पूरा नहीं करती। भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने कहा कि कोराना काल में गलत बिजली बिल भेजने के बाद बिजली बिल में सहुलियत देने का वादा कर अब वादे से मुकरने वाले ऊर्जामंत्री राऊत के खिलाफ विधानसभा में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाऊंगा। उन्होंने कहा कि इस सरकार की नौटंकी सामने आ चुकी है।  
   
                 
               

कमेंट करें
Lf9Zu
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।