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धोखाधड़ी के मामले पर सतना के व्यापारियों के खिलाफ न हो कोई भी सख्त कार्रवाई

धोखाधड़ी के मामले पर सतना के व्यापारियों के खिलाफ न हो कोई भी सख्त कार्रवाई

डिजिटल डेस्क जबलपुर । सतना में साढ़े 26 एकड़ भूमि पर रहवासी कॉलोनी बनाने के मामले में वहां के दो व्यापारियों के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी की एफआईआर पर कोई भी सख्त कार्रवाई करने पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। सोमवार को जस्टिस जेपी गुप्ता की एकलपीठ ने कोतवाली थाने में दर्ज एफआईआर को चुनौती देने वाली पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई के बाद यह अंतरिम आदेश पारित किया।
यह पुनरीक्षण याचिका सतना में रहने वाले अंतराष्ट्रीय व्यापारी संजय कुमार अग्रवाल और बुन्देलखण्ड मोटर ट्रांसपोर्ट के संचालक अशोक कुमार अग्रवाल की ओर से दायर की गई है। आवेदकों का कहना है कि उनकी साढ़े 26 एकड़ जमीन पर रहवासी कॉलोनी बनाने पेपटेक हाउसिंग प्राईवेट लिमिटेड के नीरज चौरसिया से 21 मार्च 2007 को एक एमओयू साईन किया गया था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ, जो आर्बीट्रेटर के पास भी पहुंचा।
आवेदकों का आरोप है कि नीरज चौरसिया ने तथ्यों को छिपाकर उनके खिलाफ सिविल लाईन्स थाने में धोखाधड़ी की शिकायत की, जिस पर उनके खिलाफ भादंवि की धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया गया। इसी मामले को खारिज करने यह पुनरीक्षण याचिका दायर की गई थी। मामले पर सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान आवेदकों की ओर से अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने पक्ष रखा। सुनवाई के बाद अदालत ने मामले से संबंधित रिकार्ड पर गौर करने के बाद अगली सुनवाई तक आवेदकों के खिलाफ एफआईआर के परिप्रेक्ष्य में कोई भी सख्त कार्रवाई करने पर रोक लगा दी।

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