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ऐसी भी कार्रवाई : रिश्वत के तौर पर मांगी नोटबुक, मुख्याध्यापक गिरफ्तार

ऐसी भी कार्रवाई : रिश्वत के तौर पर मांगी नोटबुक, मुख्याध्यापक गिरफ्तार

डिजिटल डेस्क, नागपुर। मनपा स्कूल में पढ़ने वाले गरीब बच्चों की मदद के उद्देश्य से दो दर्जन नोटबुक की मांग करने वाले मुख्याध्यापक को एसीबी ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। मुख्याध्यापक श्यामसुंदर जयराम गोहोकर (52) की गिरफ्तारी के बाद मनपा प्रशासन में खलबली मच गई। उन्हें गिरफ्तार करने के बाद एसीबी सिविल लाइंस स्थित हैदराबाद हाउस ले गई। वहां गोहोकर से मिलने स्कूल के कर्मचारी भी पहुंचे थे। 

यह है पूरा मामला

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पुराना सुभेदार ले-आउट स्थित महानगरपालिका के दुर्गानगर माध्यमिक स्कूल में श्यामसुंदर गोहोकर मुख्यध्यापक के पद पर कार्यरत थे। एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता  महिला मानेवाड़ा की जुनी बस्ती की रहने वाली है। उसकी बहन भी मानेवाड़ा गांव में रहती है। वर्ष 2000 में हुई मूसलाधार बारिश के कारण शिकायतकर्ता की बहन के मकान में नाले का पानी घुस गया था। उसकी बहन के शैक्षणिक प्रमाण-पत्र पानी में भीगने से खराब हो गए थे।  शिकायतकर्ता की बहन को घरकुल योजना अंतर्गत मकान के लिए आवेदन करना था। इसके लिए उसे टीसी चाहिए थी। शिकायतकर्ता की बहन ने प्रारंभिक शिक्षा पुराना सुभेदार ले-आउट स्थित दुर्गानगर मनपा शाला में ली थी। इस स्कूल में टीसी के लिए आवेदन किया था।  स्कूल के मुख्याध्यापक श्यामसुंदर जयराम गोहोकर ने उसे टीसी देने के बदले 2 दर्जन नोटबुक मांगी थी।  शिकायतकर्ता महिला ने रिश्वत मांगने की बात समझकर इसकी शिकायत एसीबी कार्यालय में कर दी। एसीबी ने जाल बिछाकर मुख्याध्यापक गोहोकर को दो दर्जन नोटबुक लेते गिरफ़्तार किया। एसीबी के पुलिस  निरीक्षक पंकज उकडे के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। गोहोकर पर हुडकेश्वर थाने में मामला दर्ज किया गया है। 

इधर अधिकारियों के नाम पर रिश्वत लेने वाला गिरफ्तार 

अधिकारियों के नाम पर 11 लाख 90 हजार रुपए की रिश्वत (चेक लेते हुए) लेने वाले आरोपी राजू भास्कर पराते (40) न्यू बूटीबोरी, जागृतेश्वर गृह निर्माण संस्था बूटीबोरी निवासी को एसीबी ने धर-दबोचा। एसीबी के सूत्रों के अनुसार, रूईखैरी पोस्ट बुटीबोरी निवासी महिला गृहिणी है। उसके पिता के नाम पर रूईखैरी में मकान है। यह मकान नेशनल हाइवे नं. 7 नागपुर-हैदराबाद रोड में चला गया है।  इस कारण सरकार की ओर से नेशनल हाइवे अथाॅरिटी के लिए जमीन हस्तांतरण आॅफिसर नागपुर द्वारा अधिग्रहित की गई है। सरकार की ओर से पीड़ित शिकायतकर्ता महिला के पिता के नाम पर बैंक में करीब 1 करोड़ रुपए जमा हुए थे।

शिकायतकर्ता के पिता ने अपने बड़े़ भाई के हिस्से के 53 लाख रुपए बड़ी भाभी के नाम से बैंक में जमा किया। उसके पिता को आरोपी राजू भास्कर पराते ने सरकार से मुआवजा मिलने में काफी मदद की थी। उसने इसके लिए हाइवे अथाॅरिटी के वरिष्ठ अधिकारी, सार्वजनिक लोक निर्माणकार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को रिश्वत देने के नाम पर 22 लाख रुपए की मांग करने लगा। उसके पिता ने राजू पराते को 10 लाख रुपए 10 अक्टूबर को दिया। इसके बाद भी राजू भास्कर पराते उक्त संबंधित विभाग के अधिकारियों के नाम पर और पैसे की मांग कर रहा था। राजू पहले ही बड़ी रकम ले चुका था, इसलिए परेशान पीड़िता ने एसीबी के पास शिकायत कर दी। एसीबी ने अधिकारियों के नाम पर रिश्वत मांगने वाले आरोपी राजू  पराते को शुक्रवार को धर-दबोचा। राजू के खिलाफ बूटीबोरी थाने में मामला दर्ज किया गया है। 

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Paytm Money: अब पेटीएम मनी ऐप से हर कोई कर सकता है स्टॉक मार्किट में  निवेश, कंपनी का 10 लाख निवेशकों को जोड़ने का लक्ष्य

Paytm Money: अब पेटीएम मनी ऐप से हर कोई कर सकता है स्टॉक मार्किट में  निवेश, कंपनी का 10 लाख निवेशकों को जोड़ने का लक्ष्य

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। भारत के घरेलु वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम ने आज घोषणा की है कि इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी पेटीएम मनी ने देश में सभी के लिए स्टॉकब्रोकिंग की सुविधा शुरू कर दी है। कंपनी का लक्ष्य इस वित्त वर्ष में 10 लाख से अधिक निवेशकों को जोड़ना है, जिसमें अधिकतर छोटे शहरों और कस्बों से आने वाले फर्स्ट टाइम यूजर्स होंगे। इस प्रयास का उद्देश्य उत्पाद के आसान उपयोग, कम मूल्य निर्धारण (डिलीवरी ऑर्डर पर जीरो ब्रोकरेज, इंट्राडे के लिए 10 रुपये) और डिजिटल केवाईसी के साथ पेपरलेस खाता खोलने के साथ निवेश को प्रोत्साहित करना तथा अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुंचना है। कंपनी भारत में सबसे व्यापक ऑनलाइन वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनने के लिए प्रयासरत है, जो वित्तीय समावेशन के लक्ष्य के तहत आम लोगों तक आसानी से पहुंच सके।

पेटीएम मनी को अपने शुरुआती प्रयास में ही लोगों से भारी प्रतिक्रिया मिली और उसने 2.2 लाख से अधिक निवेशकों को अपने साथ जोड़ लिया। इनमें से, 65% उपयोगकर्ता 18 से 30 वर्ष के आयु वर्ग में हैं, जो दर्शाता है कि नई पीढ़ी अपनी वेल्थ पोर्टफोलियो का निर्माण कर रही है। टियर-1 शहरों जैसे मुंबई, बैंगलोर, हैदराबाद, जयपुर और अहमदाबाद में इस प्लेटफार्म को बड़े स्तर पर अपनाया गया है। ठाणे, गुंटूर, बर्धमान, कृष्णा, और आगरा जैसे छोटे शहरों में भी लोगों का भारी झुकाव देखने को मिला है। यह सेवा सुपर-फास्ट लोडिंग स्टॉक चार्ट्स, ट्रैक मार्केट मूवर्स एंड कंपनी फंडामेंटल्स सुविधाओं के साथ अब आईओएस, एंड्रॉइड और वेब पर उपलब्ध है। पेटीएम मनी ऐप शेयरों पर निवेश, व्यापार और सर्च के लिए प्राइस अलर्ट और एसआईपी सेट करने के लिए आसान इंटरफ़ेस प्रदान करता है।

इस अवसर पर पेटीएम मनी के सीईओ, वरुण श्रीधर ने कहा, "हमारा उद्देश्य वेल्थ मैनेजमेंट सेवाओं को आबादी के बड़े हिस्से तक पहुंचाना है, जो आत्मानिर्भर भारत के लक्ष्य में योगदान करेगी। हमारा मानना है कि यह मिलेनियल और नए निवेशकों को उनके वेल्थ पोर्टफोलियो के निर्माण में सक्षम बनाने का समय है। प्रौद्योगिकी पर आधारित हमारे समाधान शेयर में निवेश को सरल और आसान बनाता है। हम वर्तमान उत्पादों को चुनौती देते रहेंगे और भारत के सर्वश्रेष्ठ उत्पाद का निर्माण करते रहेंगे। हम पेटीएम मनी को सभी भारतीय के लिए एक व्यापक वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। "

इतने कम समय में पेटीएम मनी पर स्टॉक ट्रेडिंग को व्यापक रूप से अपनाया जाना काफी महत्व रखता है। यह हर भारतीय के लिए डिजिटल निवेश को आसान बनाने के कंपनी के प्रयासों की सराहना को भी दर्शाता है। शेयरों में आसान निवेश के साथ, प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ता को बाजार के बारे में शोध करने, मार्केट मूवर्स का पता लगाने, अनुकूल वॉचलिस्ट तैयार करने और 50 से अधिक शेयरों के लिए प्राइस अलर्ट सेट करने के अवसर प्रदान करता है। इसके अलावा, उपयोगकर्ता स्टॉक के लिए साप्ताहिक / मासिक एसआईपी सेट कर सकते हैं, और स्टॉक में निवेश को आॅटोमेट कर सकते हैं। बिल्ट-इन ब्रोकरेज कैलकुलेटर के साथ, निवेशक लेनदेन शुल्क का पता लगा सकते हैं और शेयरों को लाभ पर बेचने के लिए ब्रेक-इवेन प्राइस जान सकते हैं। इसके अलावा, स्टॉक ट्रेडिंग के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए एडवांस्ड चार्ट और अन्य विकल्प जैसे कवर चार्ट तथा ब्रैकेट ऑर्डर भी जोड़े गए हैं। इन सुविधाओं के अलावा बैंक-स्तरीय सुरक्षा के साथ निवेशकों के व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखते हुए अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।


पेटीएम मनी के बारे में
पेटीएम मनी वन97 कम्युनिकेशंस की पूर्ण स्वामित्व वाली एक सहायक कंपनी है। वन97 कम्युनिकेशंस भारत की घरेलू वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम का स्वामित्व भी रखता है। यह देश का सबसे बड़ा ऑनलाइन इंवेस्टमेंट प्लेटफार्म है, और अब इसने उपयोगकर्ताओं के लिए डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स और एनपीएस के अपने वर्तमान आॅफर में स्टॉक्स को भी जोड़ दिया है। पेटीएम मनी का लक्ष्य एक पूर्ण-स्टैक इंवेस्टमेंट और वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनना और लाखों भारतीयों तक धन सृजन के अवसरों को पहुंचाना है। बेंगलुरु स्थित मुख्यालय से संचालित इस कंपनी की टीम में 300 से अधिक सदस्य हैं।