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अब नहीं दे सकते डैम प्रोजेक्ट को लेकर दर्ज एफआईआर का हवाला - हाईकोर्ट

October 23rd, 2019 19:25 IST
अब नहीं दे सकते डैम प्रोजेक्ट को लेकर दर्ज एफआईआर का हवाला - हाईकोर्ट

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बाणगंगा डैम प्रोजेक्ट में कथित गड़बड़ी के चलते विवादो में घिरी एफए इंटरप्राइजेस को बांबे हाईकोर्ट ने राहत प्रदान की है।  हाईकोर्ट ने यह राहत कोकण इरिगेशन डेवलपमेंट कार्पोरेशन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद प्रदान की। कार्पोरेशन ने मामले को लेकर आर्बीट्रेशन ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए निर्णय को चुनौती दी है। ट्रिब्यूनल ने कार्पेरेशन को 300 करोड़ रुपए देने का निर्देश दिया था। कार्पोरेशन ने दावा किया था कि कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर व आरोपपत्र कोर्ट में प्रलंबित है। इसलिए कंपनी के पक्ष में दिया गया फैसला उचित नहीं है। 

न्यायमूर्ति आरडी धानुका के सामने मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान कार्पोरेशन की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीहरी अणे ने कहा कि कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी को लेकर एफआईआर व आरोपपत्र प्रलंबित है। इसलिए इस मामले को अार्बीट्रेशन ट्रिब्यूनल के पास सुनवाई के लिए साल 2015 में नहीं भेजा जाना चाहिए था। इस दौरान उन्होंने न्यायमूर्ति के सामने कंपनी के खिलाफ दायर आरोपपत्र की प्रति पेश करने की इजाजत मांगी। जबकि कंपनी की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल अंतुडकर ने कहा कि ट्रिब्यूनल के सामने जब यह मामला प्रलंबित था तो कार्पोरेशन के पास एफआईआर व आरोपपत्र पेश करने का मौका था लेकिन तब ऐसा नहीं किया गया।

अब हाईकोर्ट में सुनवाई अंतिम पडाव पर है इसलिए कार्पोरेशन को अब एफआईआर व आरोपपत्र पेश करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। इन दलीलों को स्वीकार करते हुए न्यायमूर्ति ने कहा कि अब कार्पोरेशन सुनवाई के दौरान एफआईआर व आरोपपत्र दायर होने का हवाला नहीं दे सकता। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।