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अब सस्ती चीजें नहीं बेच सकती ई-कॉमर्स कंपनिया, गोयल ने कहा- छोटे दुकानदारों का नहीं होगा नुकसान 

अब सस्ती चीजें नहीं बेच सकती ई-कॉमर्स कंपनिया, गोयल ने कहा- छोटे दुकानदारों का नहीं होगा नुकसान 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि केंद्र सरकार ने ई- कॉमर्स के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश तैयार किया है। ई-कॉमर्स के नाम पर मल्टी ब्रांड रिटेल चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। सरकार खुदरा व्यापारियों को नुकसान नहीं होने देगी। गुरुवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में गोयल ने कहा कि ई-कॉमर्स एक प्लेटफार्म है जहां पर सामान की खरीदी और बिक्री की जा सकती है। लेकिन ई-कॉमर्स को कोई अधिकार नहीं है कि वह अपने उत्पाद को कम कीमत पर बेचकर रिटेल की व्यवस्था को नुकसान पहुंचाए। ई-कॉमर्स को अनुमति नहीं है कि वह उत्पाद को अपनी मिल्कियत बनाए। मेरे पास कुछ शिकायतें आई हैं। ई-कॉमर्स कंपनियों से जवाब मांगा गया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री ने कहा कि मल्टी ब्रांड रिटेल में 49 प्रतिशत से अधिक एफडीआई की अनुमति नहीं है। यदि ई-कॉमर्स की आड़ में मल्टी ब्रांड रिटेल के नियमों का उल्लंघन किया जाता  है तो खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। 

रेलवे के निजीकरण की योजना नहीं

गोयल ने कहा कि रेलवे में किसी चीज का निजीकरण करने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि आईआरसीटीसी को आईपीओ में सूचीबद्ध किया गया है। गोयल ने कहा कि अब सीसीटीवी कैमरा हर ट्रेन में होगा। उन्होंने बताया कि आरपीएफ में 50 प्रतिशत से अधिक महिलाओं की भर्ती की जा रही है। जीएसटी टैक्स कलेक्शन को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर गोयल ने कहा कि जीएसटी को प्रभावी रूप से जमीन पर लागू करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है। महाराष्ट्र में जीएसटी से राजस्व नहीं घटा है। 

राजस्थान में जीएसटी कलेक्शन में कमी के लिए गहलोत जिम्मेदार

गोयल ने कहा कि गहलोत को अपने गिरेबान में झांक कर देखना चाहिए कहीं ऐसा तो नहीं है कि वे दखलअंदाजी कर राजस्थान में जीएसटी के कलेक्शन को कमजोर कर रहे हैं। कांग्रेस के जमाने में हर टैक्स कलेक्शन कमजोर होता था। अगर राजस्थान में जीएसटी कलेक्शन कम हो रहा है तो इसके लिए गहलोत जिम्मेदार हैं। गोयल ने कहा कि महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने जिस चीज में भी हाथ लगाया है उसमें भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा की है। गोयल ने दावा किया कि चुनाव में महायुति 220 सीटें पार करेगी। 

दागी नहीं हैं भाजपा में आने वाले विधायक 

गोयल ने कहा कि विपक्षी दल कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के जिन विधायकों को भाजपा में शामिल किया गया है उनमें ऐसा कोई नहीं है जिसके खिलाफ चार्जशीट दायर हुई हो। हमने चुन-चुन कर अच्छे लोगों को ही पार्टी में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि वैसे तो कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस के सारे भाजपा में आने के लिए तैयार बैठे थे लेकिन इस मामले में हमने बहुत ही सावधानी बरती है। 
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।