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नागपुर में 77 मरीजों ने कोरोना को हराया, मुंबई में मोबाईल एप से मिलेगी अस्पताल के बेड की जानकारी

नागपुर में 77 मरीजों ने कोरोना को हराया, मुंबई में मोबाईल एप से मिलेगी अस्पताल के बेड की जानकारी

डिजिटल डेस्क, नागपुर। कोरोना से पॉजिटिव होने वालों से ज्यादा लोग अस्पताल से ठहक होकर घर जा रहे हैं। गुरुवार को 32 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जबकि 77 मरीज डिस्चार्ज किए गए हैं। इनमें 46 मेडिकल से, 30 मेयो से और एक मरीज एम्स से डिस्चार्ज किया गया है। 32 नए मरीजों के साथ शहर में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 1141 हो गई है। अब तक ठीक होकर घर जाने वाले मरीजों की संख्या 749 हो गई है।

एम्स में 22 सैंपल पॉजिटिव

गुरुवार को पॉजिटिव 32 सैंपलों में 22 की जांच एम्स में हुई है। इनमें से 20 मरीज सिम्बाॅसिस में क्वारंटाइन थे। अन्य दो मरीजों में एक एमएलए और एक वनामति में क्वारंटाइन था। मेयो में पॉजिटिव आए 2 सैंपल में एक गणेशपेठ और एक कमाल चौक स्थित लष्करीबाग के मरीज का है। मेडिकल में जांचा गया सैंपल मंगलमूर्ति क्वारंटाइन सेंटर के मरीजों के हैं। माफसू लैब मंे पॉजिटिव आए 4 सैंपल एमएलए हॉस्टल में क्वारंटाइन मरीजों के हैं। इसके अलावा 3 सैंपल निजी लैब में पॉजिटिव आए हैं। गुरुवार को पॉजिटिव आए मरीजाें में चंद्रमणिनगर, काटोल, छत्रपति नगर, अमरनगर, आठवां माइल के कई लोग शामिल हैं।

नाईकतालाब बांग्लादेश के 54 मरीज डिस्चार्ज

गुरुवार को डिस्चार्ज हुए 77 मरीजों में 54 मरीज नाईकतालाब बांग्लादेश के हैं। इसके साथ ही मोमिनपुरा के 6 मरीज भी डिस्चार्ज किए गए हैं। डिस्चार्ज होने वाले अन्य मरीजों में भारतनगर, भीमनगर, गांधीबाग, योगेश्वरनगर, लोकमान्य नगर के मरीज शामिल हैं।

मोबाईल एप से मिलेगी अस्पताल के बेड की जानकारी

उधर मुंबई के लोग अब अस्पतालों में आईसीयू बिस्तरों और वेंटिलेटर की उपलब्धता की जानकारी एक मोबाइल ऐप हासिल कर सकेंगे। मुंबई कि महापौर किशोरी पेडनेकर ने 'एयर-वेंटी’ नाम के ऐप को लॉन्च करते हुए कहा कि इससे लोगों को आपात स्थिति में मदद मिलेगी। पेडनेकर ने कहा कि इस ऐप से लोग मुंबई के अस्पतालों में आईसीयू बिस्तरों और वेंटिलेटरों की उपलब्धता की जानकारी हासिल कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि ऐप को शहर के आपदा नियंत्रण कक्ष के डैशबोर्ड से जोड़ा गया है और इसका लिंक मुंबई महानगरपालिका के ऐप के जरिए भी हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ऐप को गूगल प्ले स्टोर में जाकर डाउनलोड किया जा सकेगा। 

ड्यूटी पर आने वालों को न रोके हाउसिंग सोसाईटी वाले - सहारिता मंत्री

प्रदेश के सहकारिता मंत्री बालासाहब पाटील ने कहा कि हाउसिंग सोसायटियों की ओर से नौकरी पर जाने वाले रहिवासियों पर रोक लगाना गलत है। उन्होंने कहा कि हाउसिंग सोसायटियों को केंद्र सरकार और राज्य सरकार के आदेश का पालना करना पड़ेगा। गुरुवार को पाटील ने कहा कि राज्य में लॉकडाउन में शिथिलता के बाद विभिन्न कंपनियां और कार्यालय शुरू हो गए हैं। लेकिन हाउसिंग सोसायटियों की ओर से रहिवासियों के सोसायटी से बाहर जाने-आने पर रोक लगाने की शिकायतें मिल रही हैं। मंत्री ने कहा कि इस तरीके से रोक लगाना उचित नहीं है। हाउसिंग सोसायटियां अपने मन से कोई पाबंदी नहीं लगा सकते। हाउसिंग सोसायटी के सचिव को केंद्र सरकार और राज्य सरकार के दिशानिर्देशों का पालना करना पड़ेगा। इससे पहले राज्य सरकार ने हाउसिंग सोसायटियों में अखबार वितरकों को घर तक जाने की अनुमति दी थी। लेकिन मुंबई की कई हाउसिंग सोसायटियां ने अभी भी अखबार वितरकों, दूध विक्रेता, प्लंबर और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों के सोसायटी में प्रवेश पर रोक लगाया है। 


 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।