दैनिक भास्कर हिंदी: पीएमसी बैंक घोटाला मामले में किरीट सोमैया ने ईओडब्लू से की शिकायत

September 26th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। पंजाब- महाराष्ट्र बैंक (पीएमसी) घोटाले के मामले में भाजपा के मुलुंड के विधायक सरदार तारा सिंह के बेटे रजनीत सिंह का नाम सामने आने पर राजनीति गरमा गई है। रजनीत पीएमसी के सह निदेशक हैं। इस पर प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष किरीट सोमैया ने कहा कि ऐसा नहीं है कि बैंक के सभी निदेशक चोर हैं। मैं यह नहीं कहूंगा कि बैंक के सभी ब्रांच मैनेजर चोर हैं। गुरुवार को सोमैया ने मुंबई पुलिस के आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्लू) में पीएमसी बैंक के एसएमडी और भवन निर्माण से जुड़ी एसडीआईएल कंपनी के सीईओ के खिलाफ शिकायत की है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में सोमैया ने कहा कि पीएमसी के निदेशक मंडल की जांच होनी चाहिए। लेकिन सबसे पहले पीएमसी के प्रबंध निदेशक और चेयरमैन की जांच होनी चाहिए। सोमैया ने कहा कि इस मामले को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए। सोमैया ने कहा कि पीएमसी घोटाले को महाराष्ट्र राज्य महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाले से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। राज्य सहकारी बैंक घोटाला मामले की जांच के बाद हुई। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर बैंक के सभी निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

जनता को गुमराह न करें पवार

सोमैया ने कहा कि सहकारी बैंक घोटाला मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस के अध्यक्ष शरद पवार को जनता को गुमराह नहीं करना चाहिए। पवार को हाईकोर्ट के फैसले पर कोई आपत्ति है तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट में जाना चाहिए। दूसरी ओर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक जितेंद्र अव्हाड ने कहा कि भाजपा विधायक सिंह के बेटे रजनीत सिंह पीएमसी के सह निदेशक हैं। आधे से ज्यादा बैंक के निदेशक भाजपा से जुड़े हुए हैं। आव्हाण ने कहा कि शिवसेना के नेता व प्रदेश के गृह निर्माण राज्य मंत्री रवींद्र वायकर का मातोश्री क्लब का पीएमसी में खाता था। आरबीआई की तरफ से पाबंदी लगने के दो दिन पहले उन्होंने सभी पैसा निकाल लिए।  

अब 10 हजार निकाल सकेंगे पीएमसी बैंक के ग्राहक

पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक (पीएमसी बैंक) के परेशान ग्राहकों को राहत देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने जमाकर्ताओं के लिए निकासी की सीमा को बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया है। रिजर्व बैंक के इस कदम से सहकारी बैंक के 60 प्रतिशत ग्राहकों को मदद मिलेगी। इसके पहले यह सीमा एक हजार रुपए मासिक थी। इससे नाराज होकर बैंक के ग्राहकों ने पीएमसी बैंक शाखाओं पर प्रदर्शन किया था। आरबीआई ने मंगलवार को पीएमसी बैंक पर छह महीने के लिए कई पाबंदियां लगाई थीं। जिससे हजारों जमाकर्ताओं के बीच अफरा-तफरी मच गई। रिजर्व बैंक ने इससे पहले पीएमसी खाताधारकों के लिये निकासी की सीमा 1,000 रुपये तय की थी। इसके अलावा इस अवधि में बैंक द्वारा नया कर्ज देने पर भी रोक लगाई गई है। आरबीआई को पीएमसी बैंक में एनपीए कम करके बताने समेत कई अनियमितताएं मिली थीं, जिसके बाद उसने यह कदम उठाया। रिजर्व बैंक की तरफ से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि जमाकर्ताओं को उनके बचत/चालू या किसी अन्य जमा खाते में रखी कुल शेष राशि में से पहले निकाले गये 1,000 रुपये सहित 10,000 रुपये तक की राशि निकालने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है। इस सीमा से बैंक के 60 प्रतिशत से अधिक जमाकर्ता अपने पूरे पैसे खाते से निकाल सकेंगे। हालांकि, केन्द्रीय बैंक ने कहा है कि बढ़ी हुई राशि की निकासी तभी हो सकेगी जब खाताधारक की बैंक में कोई कर्ज देनदारी नहीं हो और वह किसी तीसरे पक्ष को दिये गये कर्ज में जमानतदार नहीं हो। आरबीआई ने कहा कि जमाकर्ताओं की मुश्किलें कम करने के उद्देश्य से यह छूट दी गई है।