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कोरोना से डरे हुए हैं ओला-उबर ड्राइवर, मांग रहे 50 लाख का बीमा

कोरोना से डरे हुए हैं ओला-उबर ड्राइवर, मांग रहे 50 लाख का बीमा

डिजिटल डेस्क, मुंबई। अनलॉक के पहले चरण में मुंबई समेत राज्य के कई शहरों में ओला उबर जैसी ऑनलाइन बुक होने वाली टैक्सी सेवा की इजाजत दे दी गई है, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में ऐसे ड्राइवर हैं, जो अपनी सेहत को लेकर डरे हुए हैं और कंपनियों से 50 लाख का बीमा समेत दूसरी सुविधाएं चाहते हैं। ड्राइवरों के संगठनों ने भी मांग की है कि कंपनियों को अपना कमीशन कम करना चाहिए, साथ ही ड्राइवरों के लिए सेनेटाइजर, मास्क, दस्ताने जैसे जरूरी सुरक्षा उपकरण मुहैया कराने और इंश्योरेंस की सुविधा देने का इंतजाम करना चाहिए। बीमार होने पर कंपनी को इलाज का खर्च भी उठाना चाहिए।

ओला, उबर टैक्सी ड्राइवर यूनियन के महासचिव गोविंद मोहिते ने कहा कि हम लगातार ड्राइवरों से जुड़ी परेशानी संबंधित कंपनियों तक पहुंचा रहे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा है। लॉक डाउन के दौरान भी कंपनियों की ओर से कुछ ड्राइवरों की दो हजार, तीन हजार रुपये की ही मदद की गई कम से कम अब जब इन ड्राइवरों की आर्थिक हालात खराब है, तो कंपनियों को तीन महीने तक अपना कमीशन कम कर देना चाहिए।

बड़ी संख्या में ड्राइवर गांव लौट गए हैं, जबकि कई ऐसे भी हैं, जो शहर में तो हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण के खतरे और कंपनियों की ओर से जरूरी सुविधा न मिलने के चलते काम पर लौटने को तैयार नहीं है। ओला चलाने वाले असलम ने बताया कि लॉक डाउन के चलते कर्ज की किस्त वापस नही कर पाया। किस्त आगे बढ़ने की सुविधा तो दी गई है, लेकिन इससे ब्याज का बोझ बढ़ेगा। फिलहाल आर्थिक हालत ऐसा नहीं है कि ज्यादा दिन इंतजार कर सकें, लेकिन सुरक्षा को लेकर चिंता भी है, क्योंकि अगर संक्रमण हो गया तो परिवार की हालत और खराब हो जाएगी।

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