दैनिक भास्कर हिंदी: इलाज को तरस रही बूढ़ी माँ - हैं सात पर बेटे नहीं दे रहे ध्यान

June 12th, 2020

डिजिटल डेस्क जबलपुर । 70 वर्षीय वृद्ध महिला जिसने अपना पूरा जीवन और जमा पूँजी अपने बेटों के पालन-पोषण में लगा दी ऐसी माँ अब इलाज पाने यहाँ से वहाँ भटक रही है। मड़ई व्हीएफजे क्षेत्र में रहने वाली नरबद बाई महोबिया अपने छोटे बेटे महेश और पुत्रवधु के साथ कलेक्ट्रेट पहुँचीं उन्होंने एसडीएम रांझी को बताया कि उनके जेवरात और जमा पूँजी के साथ ही सीजीएचएस कार्ड भी बेटों ने रख लिये हैं। एसडीएम मनीषा वास्कले ने वृद्ध महिला से बात की और कहा कि यहाँ आने की जरूरत नहीं है वे पहले अपना इलाज करायें जिन बेटों ने उनका साथ छोड़ा है उनके िखलाफ तो कार्यवाही होगी, लेकिन पहले वे इस मामले में पूरी जाँच करेंगी। उन्होंने वृद्धा से कहा कि जल्द ही उनकी पेंशन और सीजीएचएस कार्ड उन्हें मिल जायेगा।
वृद्ध माँ ने बताया कि पति बीएसएनएल में कार्यरत थे उनकी मृत्यु के बाद मुझे पेंशन मिल रही थी, जिससे गुजारा हो रहा था। 8 संतानों में 7 बेटे और एक बेटी हैं।  सभी का विवाह हो चुका है सभी अलग-अलग घर में रहते हैं। सभी बेटों के यहाँ वे कुछ समय रहती थीं, लेकिन उनकी तबियत ज्यादा बिगडऩे पर बेटों ने उनका साथ छोड़ दिया। छोटा बेटा कुछ दिन से सेवा कर रहा है, लेकिन उनकी पेंशन उनके खाते में आते ही कोई न कोई बेटा िनकाल लेता है और इलाज भी नहीं मिल रहा है। एसडीएम ने छोटे बेटे को भी फटकार लगाई और कहा कि वृद्ध माँ को लेकर यहाँ-वहाँ घूमने से अच्छा है कि उनका इलाज कराये। जाँच करने के बाद जो भी दोषी पाये जायेंगे उन पर कार्यवाही होगी।