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मॉडलिंग के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी, महिला समेत 3 आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज 

मॉडलिंग के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी, महिला समेत 3 आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज 

डिजिटल डेस्क, नागपुर। शहर की एक मॉडल से माडलिंग के नाम पर ऑनलाइन रुपए ऐंठ लिए गए।   सक्करदरा थाने में महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार छोटा ताजबाग के समीप सुर्वे ले-आउट निवासी मॉडल सीमा प्रवीण सपकाल (42) है। वह मॉडलिंग और एक्टिंग  करती है। उसका पति निजी काम करता है। 30 सितंबर से 22 अक्टूबर-2019 के बीच फेसबुक पर सर्च करते समय सीमा को विक्टोरिया सीक्रेट फोटो शूट का प्रोजेक्ट दिखा। उसने  इसकी आयोजक सरोज रॉय से संपर्क किया।

फोन पर हुई बातचीत के दौरान सरोज ने सीमा को बताया कि, बगैर शिटो कार्ड के सीमा को इस इवेंट में प्रवेश नहीं मिलेगा। सरोज ने सीमा को आईसीआईसीआई और एसबीआई के बैंक खाताें के नंबर दिए। यह खाते भानुप्रसाद तिवारी के नाम पर हैं। झांसे में आई सीमा ने शिटो कार्ड बनाने के लिए 37 हजार 500 रुपए और विमान टिकट के दो बार 7 हजार 500 रुपए जमा किए। इस बीच डेनियल नामक व्यक्ति ने फोन पर ही सीमा का मॉडलिंग के संबंध में इंटरव्यू लिया। रुपए जमा करने के बाद भी शिटो कार्ड नंबर नहीं मिलने और न ही विमान की टिकट भेजने के इस संबंध में जब सीमा ने पूछताछ की तो उसे दो बार इवेंट की तारीख बढ़ाने के बारे में बताया गया। इसके बाद कभी सीमा का सरोज से संपर्क नहीं हुआ। इस प्रकरण में सीमा को ठगे जाने का एहसास होने पर  मामला थाने पहुंचा। साइबर सेल की मदद से आरोपियों की खोजबीन की जा रही है, लेकिन अभी तक आरोपियों का पुलिस को काेई सुराग नहीं मिला है। 

अकाउंटेंट का फर्जीवाड़ा उजागर
शो-रूम में कार्यरत अकाउंटेंट का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। सामान की बिक्री से मिले रुपए कंपनी के खाते में जमा करने की बजाय खुद ही हजम कर लिए हैं। बजाज नगर थाने में आरोपी अकाउंटेंट के खिलाफ धाेखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है। शंकर नगर निवासी सुधीर बुधे (60) की बिजनेस अल्गोरिजम प्राइवेट लि. कंपनी है। उनके अभ्यंकर नगर और धंतोली में दो शो-रूम हैं। इन शो-रूम से कम्प्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर एसेसरीज आदि की बिक्री की जाती है। 24 जून-2017 से 3 अक्टूबर-2019 के बीच कंपनी ने 83 लाख 2 हजार 742 रुपए का माल बेचा। कंपनी के रिकॉर्ड में भी यह दर्ज है, लेकिन रकम कंपनी के खाते में जमा नहीं हुई है।

मामला ध्यान में आते ही कंपनी संचालक ने इसकी पड़ताल शुरू की। इस पड़ताल में कंपनी में बतौर अकाउंटेंट नितेश गजानन मेश्राम, द्रुगधामना निवासी द्वारा कम्प्यूटर में सामान बिक्री किए जाने का उल्लेख मिला है। रकम प्राप्त होने का भी रिकॉर्ड है, लेकिन प्रत्यक्ष रूप से रकम कंपनी के खाते में जमा नहीं हुई है। इस पड़ताल में कंपनी में कार्यरत अन्य लोग भी संदेह के घेरे में आ गए थे। अकाउंटेंट होने से नीतेश पर संदेह गहराता गया। नितेश पिछले 12 सालों से कंपनी में काम कर रहा है। उसे रकम वापस करने के लिए कहा गया था, लेकिन  रकम वापस करने की जगह बजाय नितेश मौका िमलते ही भाग गया। मामला थाने पहुंचा। नितेश ने कुल 83 लाख रुपए का गबन िकया है। सहायक निरीक्षक तायडे मामले की जांच पड़ातल कर रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।