दैनिक भास्कर हिंदी: मॉडलिंग के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी, महिला समेत 3 आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज 

November 4th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। शहर की एक मॉडल से माडलिंग के नाम पर ऑनलाइन रुपए ऐंठ लिए गए।   सक्करदरा थाने में महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार छोटा ताजबाग के समीप सुर्वे ले-आउट निवासी मॉडल सीमा प्रवीण सपकाल (42) है। वह मॉडलिंग और एक्टिंग  करती है। उसका पति निजी काम करता है। 30 सितंबर से 22 अक्टूबर-2019 के बीच फेसबुक पर सर्च करते समय सीमा को विक्टोरिया सीक्रेट फोटो शूट का प्रोजेक्ट दिखा। उसने  इसकी आयोजक सरोज रॉय से संपर्क किया।

फोन पर हुई बातचीत के दौरान सरोज ने सीमा को बताया कि, बगैर शिटो कार्ड के सीमा को इस इवेंट में प्रवेश नहीं मिलेगा। सरोज ने सीमा को आईसीआईसीआई और एसबीआई के बैंक खाताें के नंबर दिए। यह खाते भानुप्रसाद तिवारी के नाम पर हैं। झांसे में आई सीमा ने शिटो कार्ड बनाने के लिए 37 हजार 500 रुपए और विमान टिकट के दो बार 7 हजार 500 रुपए जमा किए। इस बीच डेनियल नामक व्यक्ति ने फोन पर ही सीमा का मॉडलिंग के संबंध में इंटरव्यू लिया। रुपए जमा करने के बाद भी शिटो कार्ड नंबर नहीं मिलने और न ही विमान की टिकट भेजने के इस संबंध में जब सीमा ने पूछताछ की तो उसे दो बार इवेंट की तारीख बढ़ाने के बारे में बताया गया। इसके बाद कभी सीमा का सरोज से संपर्क नहीं हुआ। इस प्रकरण में सीमा को ठगे जाने का एहसास होने पर  मामला थाने पहुंचा। साइबर सेल की मदद से आरोपियों की खोजबीन की जा रही है, लेकिन अभी तक आरोपियों का पुलिस को काेई सुराग नहीं मिला है। 

अकाउंटेंट का फर्जीवाड़ा उजागर
शो-रूम में कार्यरत अकाउंटेंट का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। सामान की बिक्री से मिले रुपए कंपनी के खाते में जमा करने की बजाय खुद ही हजम कर लिए हैं। बजाज नगर थाने में आरोपी अकाउंटेंट के खिलाफ धाेखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है। शंकर नगर निवासी सुधीर बुधे (60) की बिजनेस अल्गोरिजम प्राइवेट लि. कंपनी है। उनके अभ्यंकर नगर और धंतोली में दो शो-रूम हैं। इन शो-रूम से कम्प्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर एसेसरीज आदि की बिक्री की जाती है। 24 जून-2017 से 3 अक्टूबर-2019 के बीच कंपनी ने 83 लाख 2 हजार 742 रुपए का माल बेचा। कंपनी के रिकॉर्ड में भी यह दर्ज है, लेकिन रकम कंपनी के खाते में जमा नहीं हुई है।

मामला ध्यान में आते ही कंपनी संचालक ने इसकी पड़ताल शुरू की। इस पड़ताल में कंपनी में बतौर अकाउंटेंट नितेश गजानन मेश्राम, द्रुगधामना निवासी द्वारा कम्प्यूटर में सामान बिक्री किए जाने का उल्लेख मिला है। रकम प्राप्त होने का भी रिकॉर्ड है, लेकिन प्रत्यक्ष रूप से रकम कंपनी के खाते में जमा नहीं हुई है। इस पड़ताल में कंपनी में कार्यरत अन्य लोग भी संदेह के घेरे में आ गए थे। अकाउंटेंट होने से नीतेश पर संदेह गहराता गया। नितेश पिछले 12 सालों से कंपनी में काम कर रहा है। उसे रकम वापस करने के लिए कहा गया था, लेकिन  रकम वापस करने की जगह बजाय नितेश मौका िमलते ही भाग गया। मामला थाने पहुंचा। नितेश ने कुल 83 लाख रुपए का गबन िकया है। सहायक निरीक्षक तायडे मामले की जांच पड़ातल कर रहे हैं।

खबरें और भी हैं...