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कोविड-19 से मौतों को लेकर विपक्ष ने उद्धव सरकार पर लगाया आंकड़े कम दिखाने का आरोप

कोविड-19 से मौतों को लेकर विपक्ष ने उद्धव सरकार पर लगाया आंकड़े कम दिखाने का आरोप

डिजिटल डेस्क, मुंबई। विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने मुंबई में कोरोना टेस्ट में 50 फीसदी की कमी कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा है। फडणवीस ने आरोप लगाया कि मुंबई में होने वाली मौतों को मृत्यु प्रमाण पत्र में प्राकृतिक मौत बताया जा रहा है। फडणवीस ने कहा कि 1 मई 2020 को महाराष्ट्र भर में होने वाले कुल कोरोना टेस्ट में 56 प्रतिशत टेस्ट मुंबई में हो रहे थे। यानि आधी जांच सर्वाधिक कोरोना ग्रस्त प्रदेश की राजधानी में हो रही थी, लेकिन 15 मई 2020 को यह आंकड़ा 40.5 फीसदी पर आ गया। जबकि 31 मई 2020 को महाराष्ट्र में हो रही कुल जांच में केवल 27 प्रतिशत मुंबई में हो रही है। मुंबई में कोरोना टेस्ट में 50 प्रतिशत की कमी की गई है। देश के सवार्धिक कोरोना ग्रस्त मुंबई महानगर में जांच में इतनी कमी लाना सही नहीं होगा। भाजपा नेता ने कहा कि एक तरफ करोना टेस्ट में कमी आ रही हैं, उसके बावजूद कोरोना से जान गवाने वालों का आंकड़ा नित ऊंचाई छू रहा है। 29 मई को कोरोना की वजह से 116 लोगों की जान गई, तो 3 जून को कोरोना से मृत्यु का नया रिकार्ड बना और 122 लोगों की मौत हो गई। पिछले दो दिनों में मुंबई में ही 49-49 लोगों की मौत हुई है।  

मृत्यु प्रमाण पत्र से ‘कोरोना’ गायब

विपक्ष के नेता ने कहा कि दूसरी तरफ मृत्यु प्रणाम पत्र में कोरोना अथवा कोरोना संशयित शब्द हटा कर अभी दूसरे कारण लिखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भांडुप में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग आत्माराम माने व विरेपार्ले के 41 वर्षीय शख्स इसका उदाहरण है। जिनके मृत्यु प्रमाण पत्र में कोरोना का उल्लेख न होने के कारण अंतिम संस्कार में भारी भीड़ जुट गई थी। जिससे कोरोना के और प्रसार का खतरा पैदा हुआ। फडणवीस ने कहा कि मुंबई में टेस्ट बढ़ाने की जरुरत है। टेस्ट बढ़ाना इसलिए जरुरी है, क्योंकि 1 मई से 24 मई के दौरान हुए कोरोना टेस्ट में 32 प्रतिशत नमूने पॉजिटिव पाए गए थे। जब संक्रमण दर इतनी ज्यादा हो तो टेस्ट बढ़ाने की जरुरत होती है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमितों की संख्या कम-ज्यादा दिखाने से कोई लाभ नहीं होगा। 
 
 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।