comScore

लॉकडाउन में रिश्तेदार के यहां जा रहे युवक की पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच के आदेश, हुई थी मौत 

लॉकडाउन में रिश्तेदार के यहां जा रहे युवक की पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच के आदेश, हुई थी मौत 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने लॉकडाउन के दौरान अपने रिश्तेदार के यहां जा रहे एक युवक की बेरहमी से पिटाई मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इससे पहले हाई कोर्ट को बताया गया कि मामले से जुड़े चार पुलिसवालों की पहचान कर ली गई हैं। इनके खिलाफ विभागीय जांच की कार्रवाई प्रस्तवित की गई हैं। राज्य सरकार की ओर से सरकारी वकील पूर्णिमा कंथारिया ने गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट बताया कि एक सीसीटीवी फुटेज में पुलिसकर्मी एक युवक को फाइबर की लाठी पीटते नजर आ रहे हैं। इनके खिलाफ विभागीय जांच प्रस्तावित की गई है। उन्होंने कहा कि फुटेज में कोई भीड़ नहीं दिख रही है। पिछले दिनों पुलिस की पिटाई के चलते विलेपार्ले इलाके राजू  देवेन्द्र नाम के युवक की मौत का मामला सामने आया था। हालांकि पुलिस ने दावा किया था कि देवेंद्र की मौत भीड़ की हिंसा के कारण हुई है। क्योंकि वह लोगों को लूट रहा था। 29 मार्च 2020  को देवेंद्र अपने रिश्तेदार के यहां जा रहा था। पुलिस ने उसका पीछा करके पकड़ा था। फिर उसे पुलिस स्टेशन ले गए थे। दूसरे दिन देवेंद्र को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले व एक अन्य प्रकरण को लेकर पेशे से वकील फिरदौस ईरानी को ओर से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई हैं। जिसमें पुलिस द्वारा लॉकडाउन के दौरान अत्यधिक बल प्रयोग करने का दावा किया गया है। 

शुक्रवार को इस मामले की जांच रिपोर्ट मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता की खंडपीठ के सामने पेश की  गई। रिपोर्ट पर गौर करने के बाद खंडपीठ ने सहायक पुलिस आयुक्त को मामले की जांच करने व देवेंद्र के परिजनों का बयान दर्ज करने को कहा। इसके साथ ही विभागीय जांच के बारे में किए गए निर्णय की जानकारी अगली सुनवाई के दौरान यानी 3 अगस्त को देने को कहा। याचिका में लॉकडाउन के दौरान सगीर खान के मामले का ज़िक्र किया गया है। याचिका के मुताबिक पुलिस की पिटाई के कारण खान की घर पर मौत हुई। हालांकि खान की मौत दिल का दौरा पड़ने के कारण होने का दावा किया जा रहा है। 

 

कमेंट करें
GqT5m