दैनिक भास्कर हिंदी: सीएम की मांग पर वायु सेना के विमानों से महाराष्ट्र में पहुंचेगा ऑक्सीजन

April 23rd, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेऑक्सीजन के खाली टैंकरों को भारतीय वायुसेना के विमानों सेदूसरे राज्यों के ऑक्सीजन संयंत्रों तक पहुंचाने के लिए अनुमति देने की मांग की। मुख्यमंत्री की इस मांग को प्रधानमंत्री की मौजूदगी में हुई बैठक में मंजूर कर लिया गया है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने यह जानकारी दी। टोपे ने बताया कि महाराष्ट्र में ऑक्सीजन लाने के लिए यहां से दूसरे राज्यों में ऑक्सीजन के खाली टैंकर को विमान से भेजा जाएगा। ऑक्सीजन भरने के बाद टैंकर को रेलवे से लाया जाएगा। पड़ोसी राज्य से सड़क मार्ग से ये टैंकर लाए जाएंगे। शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने कोरोना की स्थिति को लेकर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ ऑनलाईन बैठक की।मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन और टीके की आपूर्ति बढ़ाने की मांग की है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑक्सीजन विमान से लाना संभव नहीं हो रहा है तो समय बचाने के लिए खाली टैंकर विमान से ऑक्सीजन संयंत्रों तक भेजने की अनुमति दी जाए। टैंकर में ऑक्सीजन भरने के बाद उसको दूसरे मार्गों से राज्य में वापस लाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में रेलवे मार्ग से ऑक्सीजन लाने का प्रयास किया गया है। लेकिन यात्रा का समय और दूरी को ध्यान में रखते हुए वायु सेना और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन विभाग की मदद लेना आवश्यक है।मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के दोहरे उत्परिवर्तन (डबल म्यूटेशन) के बारे में अध्ययन करना आवश्यक है। इससे उपचार के लिए नीति तय की जा सकेगी।

टेलीमेडिसिन और टेली आईसीयू सेवा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के मरीजों का तत्काल उपचार शुरू करने के लिए टेलीमेडिसिन और टेली आईसीयू सेवा पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना के बिना लक्षण और सौम्य लक्षण वाले कोरोना के मरीजों को होम कोरेंटाइन में रहकर डॉक्टरों की सलाह से आवश्यक दवाइयां देकर उपचार किया जा रहा है। इस काम में सेवानिवृत्त डॉक्टरों और मेडिकल के विद्यार्थियों की मदद ली जा ही है। 

आर्थिक चक्र का ध्यान 

उद्धव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी को रोकने के लिए लॉकडाउन को अंतिम विकल्प के रूप में इस्तेमाल करने की सलाह दी है लेकिन महाराष्ट्र में दुर्भाग्य से सख्त पाबंदी लागू करने का समय आ गया है। पर सरकार इस बात का भी ख्याल रख रही है कि है कि राज्य में आर्थिक चक्र न रुके। 

टीका आयात करने मिले अनुमति 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से टीके के आयात की अनुमति मांगी गई तो केंद्र सरकार को मंजूरी देनी चाहिए। क्योंकि महाराष्ट्र में 18 से 44 आयु वर्ग की जनसंख्या 5 करोड़ 71 लाख है। इस वर्ग के टीकाकरण के लिए 12 करोड़ टीके की आवश्यकता पड़ेगी। देश की टीका उत्पादक कंपनियां इतने कम समय में इतनी बड़ी संख्या में टीके की आपूर्ति नहीं कर सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग समूहों को सीएसआर के माध्यम से उत्पादकों से टीका खरीदने की अनुमति दी जानी चाहिए। 

ऑक्सीजन की मांग 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के 60 हजार से अधिक मरीज ऑक्सीजन पर हैं। राज्य में 76 हजार 300 ऑक्सीजन बिस्तर हैं। जबकि 25 हजार से अधिक आईसीयू बिस्तर की व्यवस्था की गई है।महाराष्ट्र को प्रतिदिन 1550 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता है। इसमें से 350 मीट्रिक टन ऑक्सीजन महाराष्ट्र से बाहर से लाया जा रहा है। कोरोना के मरीजों की संख्या को देखते हुए राज्य में 250 से 300 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का अतिरिक्त भंडारण उपलब्ध रहना आवश्यक है। केंद्र सरकार से 13 हजार जम्बो सिलेंडर और लगभग 1100 वेंटिलेटर की मांग की गई है। 

रेमडेसिविर इंजेक्शन की आवश्यकता 

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र को प्रतिदिन 70 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन की आवश्यकता है लेकिन हर दिन केवल 27 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन मिल पा रहा है। राज्य को रेमडेसिविर इंजेक्शन आयात करने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना के मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्शन देने पर उन्हें अस्पताल में कम समय रहना पड़ता है। इससे ऑक्सीजन के इस्तेमाल, बिस्तर की उपलब्धता और स्वास्थ्य सुविधाओं पर दबाव कम पड़ता है। 

धीमी गति से मिल रहा टीका 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को कोरोनारोधी टीके की आपूर्ति धीमी गति से हो रही है। राज्य में केवल 5 लाख टीके का भंडारण उपलब्ध है। महाराष्ट्र टीकाकरण में देश में पहले स्थान पर है। इसलिए राज्य को नियमित टीके की आपूर्ति करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में टीके के कुल उत्पादन में से 50 प्रतिशत आरक्षित भंडारण से सभी राज्यों, निजी अस्पतालों और कॉपोरेट समूह के अस्पतालों को टीका आपूर्ति की गई है लेकिन किस राज्य को कितना टीका उपलब्ध कराया जाएगा। इस संबंध में अधिक स्पष्टता की जरूरत है। 


 

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