नागपुर: विमान से उतरकर मेट्रो स्टेशन तक ई-रिक्शा से आ रहे यात्री

July 22nd, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर. डॉ. बाबासाहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल को मेट्रो रेल से जोड़ने का दावा अब भी खोखला साबित हो रहा है। महामेट्रो द्वारा विमानतल तक यात्रियों को पहुंचाने के लिए सीताबर्डी से न्यू-एयरपोर्ट व एयरपोर्ट साउथ नामक दो स्टेशनों की व्यवस्था की गई है। इन स्टेशनों से विमानतल का फासला करीब 1 किलोमीटर का है। इस दूरी को तय करने के लिए न तो आधुनिक परिवहन की व्यवस्था की गई है न ही मेट्रो ट्रेन के लिए रूट बनाया गया है। मेट्रो स्टेशन और विमानतल के बीच ई-रिक्शा में सफर करना यात्रियों की मजबूरी बन गई है। विदेश में है आधुनिक सुविधा  विमानतल से मुख्य सड़क तक की दूरी एक किलोमीटर है। इसे पार करने के लिए यात्रियों को पैदल चलना पड़ता है या विमानतल पर उपलब्ध टैक्सी, ऑटोरिक्शा का सहारा लेना पड़ता है, जबकि विमानतल पर पहुंचने अथवा यहां से मुख्य सड़क अथवा रेलवे स्टेशन तक तत्काल पहुंचने के लिए विमानतल तक रेलमार्ग तैयार किए जाते हैं। ज्यूरिख, फ्रैंकफर्ट, लंदन आदि अंतरराष्ट्रीय विमानतलों पर अत्याधुनिक व्यवस्था है।

विमानतल तक सीधे यात्रियों को पहुंचाने के लिए महामेट्रो द्वारा न तो उड़ान-पुल का प्रावधान किया गया है न ही भूमिगत मार्ग का प्रस्ताव है। करीब एक किलोमीटर का फासला तय करने में यात्रियों को हो रही परेशानी दूर करने के लिए महामेट्रो द्वारा फीडर सेवा शुरू की गई है। इसके तहत मेट्रो रेलवे स्टेशन से विमानतल तक यात्रियों को पहुंचाने अथवा लाने के लिए 7-8 ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं। ई-रिक्शा निर्माता 3 कंपनियों से अनुबंध कर महामेट्रो द्वारा यह सेवा प्रदान की जा रही है। इसके लिए मेट्रो स्टेशन परिसर में ई-रिक्शा पार्क करने की व्यवस्था है। चार्जिंग प्वाइंट भी उपलब्ध कराए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक मेट्रो स्टेशन से विमानतल तक पहुंचाने के लिए प्रति व्यक्ति 15 रुपए किराया निधार्रित है

ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है

अखिलेश हलवे डीजीएम (कार्पोरेट), महामेट्रो के मुताबिक विमानतल से मेट्रो स्टेशन तक आने-जाने के लिए विशेष मार्ग बनाने का प्रावधान नहीं है। यात्रियों की सुविधा के लिए महामेट्रो द्वारा ई-रिक्शा का प्रबंध किया गया है। 3 कंपनियों से अनुबंध किया गया है, जिसके तहत मेट्रो स्टेशन व विमानतल परिसर में हमेशा 7-8 ई-रिक्शा उपलब्ध रहते हैं।