दैनिक भास्कर हिंदी: महाराष्ट्र के बाद झारखंड में भी गई सत्ता, पवार बोले- मोदी-शाह लें हार की जिम्मेदारी, राऊत ने भी दी नसीहत

December 23rd, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने कहा है कि झारखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार की जिम्मेदारी पार्टी का नेतृत्व करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा के गिरते ग्राफ को अब कोई संभाल नहीं पाएगा। पवार ने कहा कि मुझे बताया गया कि महाराष्ट्र में नए सियासी समीकरण के बाद झारखंड में विपक्षी दलों को एक रास्ता मिला। इसी रास्ते पर जाने के लिए झारखंड में कांग्रेस के नेतृत्व में तीन राजनीतिक दलों ने गठबंधन किया। इस गठबंधन पर जनता ने विश्वास जताया है। पवार ने कहा कि देश में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की कोई जरूरत नहीं थी। लेकिन देश में एनआरसी लाकर समाज के विभिन्न समुदायों में धार्मिक अंतर बढ़ाने का प्रयास किया गया। पवार ने कहा कि मुझे प्रधानमंत्री का एनआरसी पर दिया गया बयान सुनकर आश्चर्य हुआ जिसमें उन्होंने कहा कि एनआरसी के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्रिमंडल और संसद में चर्चा नहीं हुई है। पवार ने कहा कि मुझे याद है कि राज्यसभा में एनआरसी पर चर्चा हुई थी। इसके जवाब में केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा था कि एनआरसी को पूरे देश में लागू किया जाएगा। एनआरसी को लेकर मोदी और शाह का बयान विपरित है। देश के कई राज्यों में नाराजगी है। इसका परिणाम झारखंड में देखने को मिला। देश के लोगों को सही मौका मिलने पर जनता अपना फैसला झारखंड की तरह करेगी। पवार ने कहा कि प्रधानमंत्री का एनआरसी वाला फैसला गलत साबित हुआ है। इसलिए उन्होंने कहा है कि हमने इस बारे में कोई बात नहीं की है। पवार ने कहा कि आमतौर पर राष्ट्रीय मुद्दों पर सत्ताधारी दल सभी पार्टियों की बैठक बुलाकर आमराय बनाने की कोशिश करती हैं। लेकिन भाजपा विपक्षी दल और संसद को नजरअंदाज करने की भूमिका में है। पवार ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था संकट में है और मंदी की स्थिति है। इससे निपटने में भाजपा सरकार असफल रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड में राकांपा ने पांच सीटों पर चुनाव लड़ा था। इसमें से एक सीट पर राकांपा को जीत मिली है। पवार ने कहा कि मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र के बाद झारखंड की जनता ने भाजपा को सत्ता से दूर रखा है। 
 

संजय राऊत ने कहा, सोचें महाराष्ट्र के बाद झारखंड में क्यों गई सत्ता

शिवसेना सांसद संजय राऊत ने कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) का कोई फायदा नहीं हुआ। सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में राऊत ने कहा कि झारखंड में जनता ने भाजपा को नकार दिया है। भाजपा को अब आत्मचिंतन की जरूरत है। भाजपा को इस बात का आत्मचिंतन करना चाहिए कि महाराष्ट्र के बाद झारखंड क्यों गवा दिया। राऊत ने कहा कि झारखंड में पांच साल तक भाजपा की सरकार थी। राज्य में भाजपा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूरी ताकत लगाई थी। भाजपा ने मोदी के नाम पर वोट मांगे थे। शाह लगातार सीएए के बारे में बात कर रहे थे। वहां पर हिंदू-मुसलमान भी हो रहा था। लेकिन झारखंड की गरीब और आदिवासी जनता ने भाजपा को सत्ता से दूर रखा। झारखंड में इस तरह के चुनाव नतीजें की ही उम्मीद थी।