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दुकानदारों को चूना लगाने वाला पेटीएम से जुड़ा आरोपी गिरफ्तार

दुकानदारों को चूना लगाने वाला पेटीएम से जुड़ा आरोपी गिरफ्तार

डिजिटल डेस्क, मुंबई। दुकानदारों से उनके पेटीएम अकाउंट का पासवर्ड हासिल कर उन्हें ही चूना लगाने वाले एक पेटीएम से जुड़े शख्स को साइबर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामले का खुलासा तब हुआ जब अंंधेरी में दूध की दुकान चलाने वाले राजेश पटेल नाम के शख्स ने 5 अक्टूबर को साइबर पुलिस से शिकायत की कि किसी ने धोखे से उनके खाते से 50 हजार से ज्यादा रूपए निकाल लिए हैं। पैसे 20 अगस्त और 20 सितंबर को दो बार में निकाले गए थे। 
मुंबई स्थित साइबर पुलिस स्टेशन में आईपीसी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत ठगी का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की गई। छानबीन के दौरान अधिकारियों ने पाया कि पैसे पटेल के पेटीएम का इस्तेमाल कर मुन्ना उर्फ फशीउद्दीन अंसारी के खाते में भेजे गए हैं। इसके बाद पुलिस ने घाटकोपर स्थित उसके घर से दबोच लिया। छानबीन में पता चला कि वह पेटीएम में फील्ड सेल्स एक्जिक्यूटिव के तौर पर काम करता है। अंसारी छोटे दुकारदारों को लेन देन के लिए पेटीएम अकाउंट खोलने में मदद करता था लेकिन मदद के नाम पर ही वह लोगों ने उसने पेटीएम अकाउंट का पासवर्ड हासिल कर लेता था और चोरी से पैसे अपने खाते में ट्रांसफर कर लेता था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पांच दुकानदारों से ठगी की बात स्वीकार की है लेकिन पुलिस को शक है कि ठगी के शिकार हुए लोगों की संख्या ज्यादा हो सकती है। पुलिस अंसारी के बैंक खातों और मोबाइल की जांच कर रही है। पुलिस ने लोगों खासकर दुकानदारों को आगाह किया है कि अगर कोई पेटीएम या पेटीएम मर्चेंट अकाउंट खोलने के नाम पर उनका पासवर्ड मांगे तो वे साझा ना करें। अगर साझा करते हैं तो बाद में पासवर्ड बदल दें जिससे और कोई इसका दुरूपयोग न कर पाए।

पेटीएम की सफाई

साइबर पुलिस द्वारा पेटीएम से जुड़े व्यक्ति की गिरफ्तारी के मामले में कंपनी ने बयान जारी कर कहा है कि हमे सूचना मिली है कि एक ठेकेदार ने ग्राहकों के पासवर्ड चुराकर उसका अपने फायदे के लिए दुरुपयोग किया है। हम बताना चाहते हैं कि आरोपी पेटीएम का कर्मचारी नही था। हम जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और महाराष्ट्र साइबर पुलिस स्टेशन मांगी गई जानकारी उपलब्ध करा रहे है।


उधर असली बताकर नकली एसी बेचने वाले गिरफ्तार

लॉकडाउन के चलते असली एयर कंडीशनर बेहद कम कीमत पर बेंचने का दावा कर ग्राहकों को नामी कंपनियों के नकली एसी बेचने वाले  गिरोह का भांडाफोड़ करते हुए मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने दो  आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 26 एसी बरामद किए गए हैं जिनकी कीमत 8 लाख 32 हजार रुपए है। आरोपी पालघर के एक गोदाम में नकली एसी असेंबल करते थे और उसे असली बताकर ग्राहकों को बेचते थे। आरोपियों के खिलाफ दहिसर पुलिस स्टेशन में ठगी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। मामले में गिरफ्तार आरोपियों के नाम अकबर शेख और धवल राठौड है।  


 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।