comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

कोरोना : पॉजिटिव मरीजों के घर से 3 किलोमीटर के दायरे में रहने वालों की होगी स्वास्थ्य जांच

कोरोना : पॉजिटिव मरीजों के घर से 3 किलोमीटर के दायरे में रहने वालों की होगी स्वास्थ्य जांच

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जिला व मनपा प्रशासन की ओर से आवश्यक सावधानी बरती जा रही है। इसी कड़ी में कोराेना पॉजिटिव मरीजों के घर से 3 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले सभी परिवारों की स्वास्थ्य जांच करने का मनपा के स्वास्थ्य विभाग ने निर्णय लिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर रक्त नमूने लेगी।

सर्वेक्षण कर जानकारी जुटाई जाएगी
नागपुर में 4 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। चारों मरीजों के निवास धरमपेठ और लक्ष्मीनगर जोन अंतर्गत हैं। उनके संपर्क में आनेवालों की जानकारी जुटाई जा रही है। मनपा के स्वास्थ्य विभाग ने उन लोगों से संपर्क कर उन्हें होम क्वारंटाइन किया है। अब पॉजिटिव मरीजों के निवास से 3 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी परिवारों का सर्वेक्षण कर रक्त नमूनों की जांच की जाएगी। सर्वेक्षण टीम घर-घर पहुंचेगी। नागरिकों से कुछ सवाल पूछे जाएंगे। उनके सवालों के जवाब का रिकार्ड बनाया जाएगा। रक्त नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। सर्वेक्षण दौरान जिस व्यक्ति में कोरोना के लक्षण दिखाई देंगे, उन्हें होम क्वारंटाइन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर क्वारंटाइन कक्ष में भेजा जाएगा। 

एक टीम में 26 कर्मचारी
मनपा में सहायक चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण गंटावार ने बताया कि धरमपेठ और लक्ष्मी नगर जोन में सर्वेक्षण के लिए 16 टीमों का गठन किया गया है। एक टीम में 26 कर्मचारी रहेंगे। 2-2 कर्मचारी के गट घर-घर दस्तक देकर नागरिकों से कुछ सवाल पूछेंगे। उनके जवाब लिखकर रक्त के नमूने लिए जाएंगे। सर्वेक्षण करने जाने वाले कर्मचारियों के पास पहचान-पत्र तथा सर्वेक्षण के लिए नियुक्ति आदेश रहेंगे। संदेह आने पर नागरिक उनके पहचान-पत्र और नियुक्ति आदेश देख सकेंगे। सर्वेक्षण में सवाल-जवाब से विदेश यात्रा कर आए अन्य लोगों की भी जानकारी मिलने की उम्मीद है। 

रोकथाम के लिए उपाय योजना
कोराेना की रोकथाम के लिए विविध उपाय योजना की जा रही है। मनपा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी धरमपेठ और लक्ष्मी नगर जोन में नागरिकों के घर जाएंगे। उनसे कुछ सवाल पूछेंगे। रक्त नमूने लिए जाएंगे। इस कार्य के लिए नियुक्त किए जाने वाले कर्मचारियों के पास पहचान-पत्र और नियुक्ति आदेश रहेगा। नागरिक उन्हें सहयोग करें। -डॉ. प्रवीण गंटावार, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी, मनपा

कमेंट करें
3Cz1s
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।