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मोदी ने कहा- जब तक कोरोना की दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं, बेहद सावधानी बरतें महाराष्ट्र के लोग

मोदी ने कहा- जब तक कोरोना की दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं, बेहद सावधानी बरतें महाराष्ट्र के लोग

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि महाराष्ट्र में कोरोना की चिंता थोड़ी ज्यादा है। कोरोना का खतरा अभी भी बना हुआ है। इसलिए मेरी प्रदेश के नागरिकों से हाथजोड़ कर प्रार्थना है कि मुंह पर मास्क लगाएं, साफ-सफाई रखने, बार-बार हाथ धोने और दो गज की दूरी बनाए रखने के नियमों में बिल्कुल लापरवाही न करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें हमेशा याद रखना है, जब तक कोरोना की दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें कोरोना के खिलाफ लड़ाई जीतनी है और हम जीतेंगे। मंगलवार को प्रधानमंत्री ने दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डॉ. बालासाहब विखे पाटील की आत्मकथा 'देह वीचवा करणी' का विमोचन किया। इस आत्मकथा के शीर्षक का अर्थ है- अपना जीवन किसी नेक काम के लिए समर्पित कर देना। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुंबई से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया। अहमदनगर के लोणी में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री रावसाहब दानवे, विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील, भाजपा विधायक राधाकृष्ण विखे पाटील, भाजपा सांसद सुजय विखे पाटील के साथ कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज किसानों को उद्यमिता की ओर ले जाने और उन्हें उद्यमी बनाने के अवसर तैयार किए जा रहे हैं। देश में किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने का फैसला किया गया है। पीएम-किसान सम्मान निधि योजना के तहत एक लाख करोड़ रुपए किसानों के खाते में जमा किए जा चुके हैं। कोल्ड चेन, मेगा फूड पार्क और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे बुनियादी ढांचे को बढ़ाने का काम किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र के 13 जिलों में अटल भू-जल योजना चलाई जा रही है। जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के 19 लाख परिवारों को नल द्वारा पीने के पानी की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। इसमें 13 से अधिक गरीब परिवारों को कोरोना महामारी के दौरान यह सुविधा प्रधान कराई गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बालासाहब विखे पाटील खेती में शिक्षा का महत्व समझते थे। विखेपाटिल ने ग्रामीणों, गरीबों, किसानों के जीवन को सुगम बनाने का काम किया। महाराष्ट्र में सहकारिता क्षेत्र में उनका योगदान भावी पीढ़ियों के लिए प्ररेणादायी होगा। 

वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि परिस्थितियों का सामना सभी लोग करते हैं। अनेक लोग परिस्थिति का शिकार हो जाते हैं लेकिन बालासाहब विखे पाटील के परिवार ने परिस्थितियों को अपने मेहनत से अपनी ओर मोड़ा है।

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