दैनिक भास्कर हिंदी: हर्बल हुक्का को लेकर सरकार और मनपा से मांगा जवाब, हाईकोर्ट में दायर याचिका 

June 3rd, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बांबे हाईकोर्ट ने रेस्टोरेंट में हर्बल हुक्का बेचने की अनुमति के मुद्दे पर राज्य के गृह विभाग व मुंबई महानगरपालिका को अपना रुख स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति आरवी मोरे व न्यायमूर्ति भारती डागरे की खंडपीठ ने एक रेस्टोरेंट के मालिक अली रेजा अब्दी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिया। इससे पहले याचिकाकर्ता के वकील अधिवक्ता सुजय कांटावाला ने कहा कि मेरे मुवक्किल के रेस्टोरेंट में सिर्फ हर्बल हुक्का बेचा जाता है। इसलिए  सिगरेट एंड अदर टैबैको प्रोडक्ट कानून के प्रवाधान तंबाकू रहित हर्बल हुक्का पर लागू नहीं होते। इस स्थिति में हर्बल हुक्का उपलब्ध करानेवाले रेस्टोरेंट के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती है। फिर भी मेरे मुवक्किल के रेस्टोरेंट चलाने में रुकावटे पैदा की जा रही हैं। मेरे मुवक्किल के रेस्टोरेंट शाम के समय खुलते है। चूंकी अभी रेस्टोरेंट नहीं चल रहा है। इसलिए रेस्टोरेंट के लिए नियुक्ति किया गया सारा स्टाफ खाली बैठा है। जिससे मेरे मुवक्किल को नुकसान झेलना पड़ रहा है। 

उन्होंने कहा कि मेरे मुवक्किल जो हुक्का बेचते हैं उसमें नाममात्र की तंबाकू भी नहीं पाया जाता है। मेरे मुवक्किल हुक्के के लिए सिर्फ ग्लिसरिम व शक्कर का इस्तेमाल करते है। हुक्का में इस्तेमाल की जानीवाली सामाग्री के नमूनों को वे मनपा व पुलिस अधिकारी को देने को तैयार हैं। इस बात को जानने के बाद खंडपीठ ने मुंबई मनपा व राज्य के गृह विभाग को याचिका का जवाब देने का निर्देश दिया और मामले की सुनवाई एक सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दी। गौरतलब है कि कमला मिल कांपाउंड में हुए भीषण अग्नि दुर्घटना के बाद सरकार ने सिगरेट एंड अदर टोबैको प्रोडक्ट कानून में संसोधन करते हुए राज्य सरकार ने तंबाकू युक्त हुक्का बेचने पर रोक लगा दी है। यहीं नहीं सरकार ने हुक्का बेचते पाए जाने पर दोषी के लिए तीन साल की कारावास की सजा का प्रावधान भी किया है। कमला मिल में हुए हादसे में 14 लोगों की जान चली गई थी जबकि कई लोग घायल हो गए थे। 

 

खबरें और भी हैं...