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नागपुर में पेट्रोल 86.18, डीजल हुआ 76.64 रुपए प्रति लीटर

नागपुर में पेट्रोल 86.18, डीजल हुआ 76.64 रुपए प्रति लीटर

डिजिटल डेस्क, नागपुर। लॉकडाउन खुलने के बाद शहर में पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। 1 जून से अब तक पेट्रोल 7 रुपए 38 पैसे और डीजल 7 रुपए 32 पैसे की बढ़त ले चुका है। शनिवार को शहर में पेट्रोल 86.18 रुपए और डीजल 76.64 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से बिका। 1 जून को पेट्रोल 78.80 और डीजल 69.32 रुपए प्रति लीटर के भाव बिका था। इससे पहले शहर में पेट्रोल 4 अक्टूबर-2018 को  अपने अब तक के सबसे उच्चतम स्तर 91.87 रुपए प्रति लीटर के भाव तक बिका था। इसी प्रकार डीजल 78.89 रुपए प्रति लीटर के भाव तक बिक चुका है। यदि, ऐसे ही भाव बढ़ते रहे, तो आने वाले सप्ताह में शहर में पेट्रोल के दाम पुराने रिकॉर्ड तोड़ देगा। लॉकडाउन लगने के बाद 1 अप्रैल से 1 जून के बीच शहर में पेट्रोल 76 रुपए 78 पैसे की दर से बिका था। इस बीच क्रूड के दाम काफी निचले स्तर पर आ गए थे, लेकिन केंद्र सरकार ने कस्टम ड्यूटी और राज्य सरकार ने सेस बढ़ा दिया था, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाव गिरने के बाद भी इसका फायदा आम जनता को नहीं मिल पाया था। कोरोना वायरस संकट के बीच 21 अप्रैल-2020 को देश में कच्चे तेल की कीमत शून्य से नीचे 37.63 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई थी। केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 13 रुपए की बढ़ोतरी कर दी थी, इसके बाद राज्य सरकार ने भी सेस में वृद्धि की। 

तारीख        पेट्रोल     डीजल

1 अप्रैल     76.78    76.26 
1 जून       78.80    69.32
7 जून       79.39    69.32
8 जून       79.97    69.89
9 जून       80.49    70.44
10 जून     80.88    70.87
11 जून     81.46    71.56
12 जून     82.01     72.01
13 जून     82.58    72.48
14 जून     83.18    73.17
15 जून     83.64    73.73
16 जून     84.10    74.15
17 जून     84.63    74.85
19 जून     85.68    76.06
20 जून     86.18    76.64


 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।