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मेडिकल में शुरू होगी प्लाज्मा थैरेपी, संक्रमितों के उपचार में आएगी तेजी

मेडिकल में शुरू होगी प्लाज्मा थैरेपी, संक्रमितों के उपचार में आएगी तेजी

डिजिटल डेस्क जबलपुर।  नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोरोना मरीजों को स्वस्थ करने प्लाज्मा थैरेपी शुरू की जाएगी। डीन डॉ. पीके कसार ने ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्लाज्मा थैरेपी अथवा प्लास्माफेरेसिस ऐसी प्रक्रिया से है, जिसमें खून के तरल पदार्थ या प्लाज्मा (जिसमें एंटीबॉडीज शामिल होती हैं) को रक्त कोशिकाओं से अलग किया जाता है। इसके लिए डोनर (कोरोना से ठीक हो चुके मरीज) का खून मशीन द्वारा पारित किया जाता है। इस प्रक्रिया में कोरोना इंफेक्शन से ठीक हुए लोगों के खून (प्लाज्मा) से बीमार लोगों का इलाज किया जाता है। प्लाज्मा डोनेट की प्रक्रिया में 30-45 मिनट का समय लगता है। एक व्यक्ति 2 हफ्ते में एक बार प्लाज्मा डोनेट कर सकता है। डोनेशन विशेषज्ञों की निगरानी में होगा।
 

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