दैनिक भास्कर हिंदी: दो महीने बाद हाथ लगे तेंदुए की खाल प्रकरण के 3 आरोपी, दो अभी भी फरार

April 3rd, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। तेंदुए की खाल मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी अभी भी फरार हैं। कोंढाली तथा काटोल वन परिक्षेत्र की संयुक्त सीमा पर 1 जनवरी को कोंढाली वनपरिक्षेत्र के तांदुलवाणी वन कक्ष क्रमांक 52 में सड़क किनारे चार साल के तेंदुए की खाल मिली थी। इस प्रकरण की जांच करने वाले मूर्ति बीट के वनरक्षकों तथा स्थानीय मुखबिर (गुप्तचर) ने यहां के वन्य प्राणियों का शिकार करने वालों पर नजर रखना शुरू किया। इसमें पता चला कि तांदुलवाणी निवासी शिकारी मुकुंदा पुंजाराम नेहारे (55) को 1 अप्रैल को शाम 7.30 बजे तांदुलवाणी संरक्षित वन कक्ष क्रमांक 52 में भरी बंदूक के साथ मोर का शिकार करने के लिए संरक्षित वन में गया है।

यह खबर मिलते ही कोंढाली वन परिक्षेत्र के अधिकारी एफआर आजमी अपने वन अधिकारी, वनरक्षक और वन मजदूरों के साथ मूर्ति के जंगल पहुंचे, उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर कोंढाली वन परिक्षेत्र में लाया गया। तेंदुए की खाल के विषय में पूछताछ करने पर उसने बात कबूल की। वन अधिकारियों ने उसके अन्य साथियों की जानकारी पूछने पर इसमें लिप्त अजय मधुकर सोमकुअर (32), संजय भीमराव भलावी (32) दोनों तांदुलवाणी निवासी के नाम की जानकारी दी।

यह जानकारी मिलते ही तांदुलवाणी गांव काटोल पुलिस स्टेशन के तहत आने से तथा रात दस बजने से वनाधिकारी ने काटोल के पीआई सतीश सिंह राजपूत से पुलिस की मदद लेकर एक अप्रैल की रात 11.30 बजे  संजय भीमराव भलावी तथा अजय मधुकर सोमकुअर को हिरासत में लिया।

जांच के दौरान तीनों ने बताया कि दिवाली के समय तेंदुआ मूर्ति उपवन के एक नाले में मृत अवस्था में मिला था। उसकी खाल निकाली थी। यह बात वन अधिकारियों के जांच के समय कबूल की। इस प्रकरण में दो अन्य आरोपी होने की जानकारी तीनों आरोपियों ने दी है। इस प्रकरण में वरिष्ठ वन अधिकारी शंभूनाथ शुक्ला तथा संदीप क्षीरसागर के मार्गदर्शन में एफआर आजमी ने भारतीय वन्यजीव संरक्षण, अधिनियम 1972 की धारा 02, 09, 29, 32, 39, 49 अ, 50 तथा 51 के तहत 2 अप्रैल को गिरफ्तार कर काटोल न्यायालय में पेश किया है। जहां से 5 अप्रैल तक का एफसीआर मिला है।