दैनिक भास्कर हिंदी: ममता ने बना दिया बच्चा चोर, एल्गिन अस्पताल से बच्चा चुराने वाली महिला गिरफ्तार

March 20th, 2019

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। एल्गिन अस्पताल से मंगलवार की दोपहर चोरी हुए बच्चे को पुलिस ने बरामद कर लिया है। पुलिस ने बच्चे को चुराने वाली महिला और उसके पति को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान पुलिस को आरोपी महिला ने बताया कि उसकी पूर्व शादी से तीन बच्चे थे, लेकिन तीनों की मौत हो गई। इसके बाद उसने दूसरी शादी की, लेकिन बच्चा नहीं हुआ। बच्चा की चाहत और मां की ममता के चलते उसने योजना बनाकर एल्गिन अस्पताल से बच्चे को चुरा लिया।

उल्लेखनीय है कि 19 मार्च मंगलवार को दोपहर करीब 2:30 बजे एलगिन अस्पताल जबलपुर से सूचना प्राप्त हुई कि कोई अज्ञात महिला एलगिन अस्पताल से नवजात शिशु को अपहृत कर फरार हो गई। सूचना पर फरियादी सुलोचना डेहरिया निवासी कटियाघाट गौर चौकी थाना बरेला कि रिपोर्ट पर से थाना सिविल लाईन पर अपराध क्र. 66/19 धारा 363 भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। घटना के महज 10 घंटे में ही आरोपी महिला और उसके साथियों को पुलिल ने गिरफ्तार कर लिया है।

इस संबंध में पुलिस अधीक्षक निमिश अग्रवाल ने बताया कि घटना की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए अपहृत बालक की पतासाजी करते हुए शीघ्र दस्तयाबी हेतु आदेशित किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर राजेश कुमार त्रिपाठी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध शिवेश सिंह बघेल, तथा नगर पुलिस अधीक्षक ओमती श्री शशिकांत शुक्ला के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सिविल लाईन प्रवीण धुर्वे के नेतृत्व में गठित टीम एवं क्राईम ब्रांच की टीम द्वारा एलगिन अस्पताल में तस्दीक व पूछताछ उपरांत आरोपियों की तलाश हेतु कंट्रोल रूम एवं प्राईवेट सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण किया गया। उक्त महिला एक मोटर सायकिल में मोटर सायकिल चालक के पीछे शॉल मे बच्चा लपेट कर पीछे बैठी हुई तहसील चौक, छोटी ओमती, फूटाताल, से आगे जाती हुई दिखी। जिसके बाद लगातार खोज करने के बाद आरोपी महिला को गिरफ्तार किया गया है। उसके इस काम में उसके पति ने उसका साथ दिया है।

सिक्योरिटी गार्ड ने खोला मामला
रात लगभग 11:30 बजे चीता 812 के द्वारा थाना प्रभारी सिविल लाईन को बताया गया कि मनमोहन पार्क का सिक्योरिटी गार्ड बता रहा है कि वह जिसके मकान मे किराए से रहता है, वह महिला आज उसे यह कहकर कि मेरे पेट मे दर्द हो रहा है, एल्गिन हॉस्पिटल मुझे लेकर चलो वहां दवाई लेकर लौट आएंगे। तो वह अपनी मकान मालकिन को एल्गिन अस्पताल तक लेकर गया था। लगभग आधा घंटे बाद उसकी मकान मालकिन एल्गिन अस्पताल से बाहर आयी जो शॉल मे कुछ लपेटे हुई थी, वह रात भर का जगा था इसलिए, तुरंत अपनी मकान मालकिन को मोटर सायकिल मे बैठाकर घर वापस आ गया था। उसकी मकान मालकिन अपने रिश्तेदारों को बुलाकर बच्चा पैदा होने का बता रही है, उसे शंका है कि उसकी मकान मालकिन एल्गिन अस्पताल से बच्चा चुराकर लाई है। यह जानकारी लगते ही थाना प्रभारी सिविल लाईन तत्काल सिक्योरिटी गार्ड ओमकार प्रसाद को साथ लेकर मकान मालकिन सीता यादव के पास पहुंचे।

बच्चे का हो रहा उपचार
सीता यादव पति छोटेलाल यादव उम्र 50 वर्ष निवासी मटर टेरेसा कटंगी रोड ने पूछताछ करने पर उसके द्वारा नवजात बालक का अपहरण किया जाना स्वीकार किया। अपहृत नवजात को सीता यादव पति छोटेलाल के कब्जे से दस्तयाब किया जाकर फरियादी सुलोचना डेहरिया को एलगिन अस्पताल पंहुचकर सुपुर्द किया गया तथा एलगिन हास्पिटल प्रबंधन द्वारा नवजात शिशु के प्राथमिक उपचार प्रबंध कराया गया जो कि वर्तमान में इलाजरत है।

तीन बच्चों की हो चुकी है मौत
अपहरणकर्ता सीता यादव की पूर्व में शादी हो चुकी थी, जिसके तीन बच्चे थे, जिनकी बीमारी व सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो चुकी है। सीता यादव का पूर्व पति कल्लू यादव भी बीमारी के कारण खत्म हो गया। जिसके बाद करीब 2 वर्ष पूर्व सीता यादव ने छोटेलाल यादव से दूसरी शादी कर ली, लेकिन संतान नहीं होने के कारण उसने उक्त साजिश रच अपने पति छोटेलाल यादव पिता सुम्मत यादव उम्र 52 साल के साथ नवजात शिशु का अपहरण किया। अपहरण में सिक्योरिटी गार्ड ओंकार प्रसाद तिवारी को बिना बताए उसकी मोटर सायकिल के साथ इस्तेमाल किया गया तथा अपहृत बालक को स्वयं की संतान बताने के लिए अपने रिश्तेदारों को मोबाईल के माध्यम से संतान प्राप्ती होने संबंधी सूचना दी। आरोपीगण सीता यादव व छोटेलाल यादव से अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता के संबंध में पूछताछ जारी है।  

इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
अपहृत शिशु की दस्तयाबी एवं आरोपियों की गिरफ्तारी में में थाना प्रभारी सिविल लाईन प्रवीण कुमार धुर्वे थाना सिविल लाईन के उप निरीक्षक नरबद सिंह धुर्व, निवेदिता सोनी थाना ओमती, पी.एस.आई तरूण कुमार बोडके, आरक्षक अनिल दीक्षित थाना गोहलपुर, आरक्षक राजकुमार थाना चीता 812 गोहलपुर, आरक्षक उमाशंकर यादव थाना सिला, कैलाश दुबे आरक्षक  नितेश, म.प्र.आर. देववती, म.आर. प्रभा, आरक्षक रामशरण, व कंट्रोल रूम सीसीटीव्ही दल एवं सायबर सेल जबलपुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।