दैनिक भास्कर हिंदी: कंकाल पर चेहरा बना आरोपियों तक पहुंची पुलिस, पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर की थी पति की हत्या 

December 13th, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। डॉक्टरों की मदद से कंकाल पर फिर से चेहरा बनाकर आठ महीने पहले हुई हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में मृतक की पत्नी भी शामिल है। हत्या के बाद पति के घर वालों को आरोपी महिला ने यह कहते हुए झांसा दिया था कि वह दुबई चला गया है और परिवार वालों से बात नहीं करना चाहता।

ठाणे के अंबरनाथ इलाके में स्थित महेंद्र नगर के पहाड़ी इलाके में इसी साल 10 अप्रैल को एक सिर कटी लाश मिली था। जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने छानबीन शुरू की और शव से करीब 500 मीटर दूरी पर झाड़ियों में सिर भी मिला। शव की हालत बेहद खराब थी ऊपरी चमड़ी लगभग गल चुकी थी। शव पुरूष का है और दाहिने हाथ पर चांद लिखा हुआ है, इसके अलावा पुलिस के पास कोई सुराग नहीं था। मामले की जांच आगे नहीं बढ़ पा रही थी। इसके बाद अंबरनाथ के एसीपी सुनील पाटील ने केईएम अस्पताल के फारेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सीकॉलॉजी विभाग के प्रमुख डॉक्टर हरीश पाठक से संपर्क किया। पाटील ने पाठक को बताया कि एक शख्स का शव मिला है जिसका अब कंकाल ही बचा है, क्या कोई ऐसा तरीका है जिससे कंकाल के आधार पर चेहरे की बनावट का अंदाजा लगाया जा सके।

डॉ पाठक ने कहा कि सुपर कांपोजिशन तकनीक से इसके लिए कोशिश की जा सकती है। इसके बाद डॉ. पाठक ने सहयोगियों डॉ. हेमलता पांडे, डॉ. मनोज पारचके, डॉ. शशांक त्यागी की मदद से कंकाल पर चेहरा बनाकर अंबरनाथ पुलिस को दिया। सीनियर इंस्पेक्टर काशीनाथ चव्हाण ने बताया कि डाक्टरों द्वारा तैयार इस चेहरे की तस्वीर निकालकर पूरे इलाके में फैलाई गई और लोगों से कहा गया कि अगर इस शख्स को पहचानते हैं तो पुलिस से संपर्क करें। पुलिस को जल्द ही कामयाबी मिली और एक शख्स ने बताया कि यह चेहरा बिंद्रेश प्रजापति नाम के शख्स से मिलता है जो अप्रैल महीने से नजर नहीं आया है। इसके बाद पुलिस ने जांच में पाया कि उसकी गुमशुदगी की शिकायत भी नहीं दर्ज है। 

पुलिस प्रजापति की पत्नी सावित्री प्रजापति तक पहुंची तो पूछताछ में उसने यह कहते हुए पुलिस को झांसा देने की कोशिश की कि वह दुबई गया हुआ है। लेकिन कड़ाई से पूछताछ के बाद उसने प्रेमी के साथ मिलकर पति ही हत्या की बात स्वीकार कर ली।

परेशान करता था पति इसलिए ली जान
सावित्री ने पूछताछ में बताया कि उसका पति अक्सर शराब पीकर घर आता था और उसके साथ मारपीट करता था। इससे परेशान होकर उसने किसन कुमार कनोजिया नाम के अपने दोस्त की मदद से पति की जान ले ली और शव ठिकाने लगा दिया। प्रजापति का अपने घर वालों से भी विवाद होता रहता था। इसलिए जब उन्होंने पूछताछ की तो सावित्री ने बहाना बना दिया कि वह दुबई चला गया है और परिवार के दूसरे लोगों से बात नहीं करना चाहता। कनोजिया के दोस्त राजेश यादव ने भी इस हत्याकांड में साथ दिया था। पुलिस ने हत्या के आरोप में तीनों को गिरफ्तार कर लिया। सीनियर इंस्पेक्टर चव्हाण ने बताया कि आरोपियों को कोर्ट में पेशी के बाद 18 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।  
  
 

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