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  • Police officer's life in danger : Demanded arms license, complaint was made against Parambir Singh

पुलिस अधिकारी की जान को खतरा : मांगा हथियार का लाइसेंस, परमबीर सिंह के खिलाफ की थी शिकायत

September 1st, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले इंस्पेक्टर अनूप डांगे ने अपनी जान को खतरा बताते हुए हथियार के लाइसेंस के लिए मुंबई पुलिस के पास अर्जी दी है। डांगे का दावा है कि उनकी जान को खतरा है क्योंकि सिंह के आपराधिक तत्वों से संबंध हैं। डांगे एसीबी से यह भी दावा कर चुके हैं कि उनके मामले में प्रमुख गवाह पर दबाव बनाया जा रहा है। अर्जी में डांगे ने यह भी लिखा है कि वे आतंकी गतिविधियों में शामिल और अंडरवर्ल्ड से जुड़े कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर चुके हैं। साल 2011 में जब वे एंटॉप हिल पुलिस स्टेशन में तैनात थे चार लोगों ने हमला कर उनकी जान लेने की कोशिश की थी। मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी और आरोपपत्र भी दायर किया जा चुका है। 

आपराधिक तत्वों से खतरे को देखते हुए डांगे को तत्कालीन पुलिस आयुक्त ने 9एमएम सर्विस पिस्तौल दी गई थी। साल 2020 में गामदेवी पुलिस स्टेशन में तैनात डांगे को निलंबित कर दिया गया था। लेकिन उन्होंने इसी साल 2 फरवरी को राज्य के गृह विभाग के अतिरिक्त सचिव को पत्र लिखकर दावा किया था कि एक मामले में आरोपियों की मदद न करने के चलते सिंह ने उन्हें झूठे आरोपों में निलंबित कर दिया था और फिर एक करीबी के जरिए बहाली के लिए दो करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी थी। डांगे को फिलहाल बहाल कर दिया गया है और उन्हें पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात किया गया है।

डांगे की शिकायत के आधार पर एसीबी ने सिंह के खिलाफ जांच शुरू की है। डांगे ने बताया कि मैंने बुधवार को पिस्तौल के लाइसेंस के लिए अर्जी दी है। डांगे ने कहा कि हम देख चुके हैं कि मनसुख हिरन के साथ क्या हुआ। एसीबी में मेरी शिकायत पर जिस मामले की जांच हो रही है इसके प्रमुख गवाह पर दबाव बनाया जा रहा है। सिंह के आपराधिक तत्वों से नजदीकी संबंध हैं इसलिए मेरी जान को खतरा है। मुझे जो सर्विस पिस्तौल दी गई है उसे छिपाकर रखना आसान नहीं है।  इसीलिए मैने निजी हथियार के लाइसेंस के लिए आवेदन दिया है।