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सांसद डेलकर के सुसाईड नोट की सत्यता जानने विशेषज्ञ की मदद लेगी पुलिस

सांसद डेलकर के सुसाईड नोट की सत्यता जानने विशेषज्ञ की मदद लेगी पुलिस

डिजिटल डेस्क, मुंबई। सांसद मोहन डेलकर के गुजराती में लिखे गए 15 पेज के सुसाइड नोट को समझने के लिए मुंबई पुलिस ने सिलवासा से एक विशेषज्ञ को बुलाया है। सुसाइड नोट का ट्रांसलेशन भी कराया जा रहा है। सुसाइड नोट में कई जगह अन्याय, बेइज्जती और भेदभाव की ओर इशारा किया गया है। पुलिस इस बात की भी जांच करा रही है कि सुसाइड नोट डेलकर ने ही लिखा है या नहीं, इसके लिए हैंड राइटिंग विशेषज्ञ का सहारा लिया जाएगा। यह सुसाइड नोट डेलकर के आधिकारिक लेटर पैड पर लिखा गया है लेकिन यह किसी को संबोधित कर नहीं लिखा गया है।

वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह साफ हो गया है कि दादरा और नगर हवेली के सांसद डेलकर की मौत फांसी लगने के बाद दम घुटने से हुई है। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद यह साफ तौर पर आत्महत्या का मामला लग रहा है और कुछ भी संदिग्ध नहीं है। फिर भी फारेंसिक विशेषज्ञों की मदद से सभी तरह के सबूत जुटाए जा रहे हैं। आत्महत्या की वजह क्या है पुलिस अभी इस बात को लेकर किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। 

डेलकर ने दक्षिण मुंबई के मरीन ड्राइव इलाके में स्थित एक होटल में आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने अब तक इस मामले में किसी का बयान दर्ज नहीं किया है लेकिन जल्द ही डेलकर के परिवार वालों, उनके ड्राइवर और अंगरक्षकों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू होगी। अब तक की जांच में पता चला है कि डेलकर मुंबई हाईकोर्ट में अपने किसी काम से आए थे। मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने कहा कि अभी इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल एडीआर दर्ज किया गया है। अगर इस बात के सबूत मिले कि किसी के उकसाने पर आत्महत्या हुई है तो आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया जाएगा। परिवार वाले डेलकर का शव अंतिम संस्कार के लिए सिलवासा ले गए हैं। 

भाजपा की भूमिका की हो जांच-कांग्रेस

महाराष्ट्र कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा है कि वे इस मामले में गृहमंत्री अनिल देशमुख से संपर्क कर भाजपा की भूमिका की जांच की मांग करेंगे। सावंत ने बुधवार को ट्वीट कर कहा कि जल्द ही मैं इस मामले में राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख से फोन पर बात करूंगा और डेलकर की मौत में भाजपा की भूमिका की जांच की मांग करूंगा।  
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।