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मुंबई सहित तीन जिलों में भारी बारिश की संभावना, विदर्भ की फिजां में ठंडक

मुंबई सहित तीन जिलों में भारी बारिश की संभावना, विदर्भ की फिजां में ठंडक

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मौसम विभाग ने राज्य के तीन जिलों रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हमने रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों के लिये ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऑरेंज अलर्ट तैयारियों के लिए सचेत करने, जबकि रेड अलर्ट खराब हालात के मद्देनजर उन्हें कार्रवाई करने का निर्देश देने के लिये होता है। अधिकारी ने कहा, "मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है जबकि पालघर जिले के छिटपुट इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है। मुंबई में पिछले दो दिन में हुई बारिश से शहर के सायन, माटुंगा, माहिम, अंधेरी, मालाड और दहीसर समेत कई इलाकों में जलभराव और जाम की समस्या उत्पन्न हो गई है। 

जोरदार की तरफ बढ़ा मॉनसून

गुरुवार दोपहर बाद से पूरी रात बरसने के बाद शुक्रवार को मेघ शांत बने रहे, हालांकि पूरे दिन सूर्यदेव बादलों से झांक नहीं पाए। कभी बूंदाबांदी तो कभी हल्की फुहारें मौसम को सुहाना बनाती रहीं। हालांकि दोपहर में उमस से कुछ परेशान किया। रात मेघ कुछ ज्यादा ही मेहरबान नजर आए। गुरुवार रात 8.30 बजे से शुक्रवार सुबह 8.30 बजे तक 84.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। सुबह से मेघों के डेरे और ठंडी बयारों ने मौसम को रूहानी बनाए रखा। रात भर बारिश और सुबह से धूप के न खिलने से दिन व रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। दिन व रात के पारे में करीब 5 डिग्री की गिरावट रही। इससे गर्मी से हलाकान लोगों को बड़ी राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1 डिग्री नीचे रहा। न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री नीचे 21.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। आर्द्रता सुबह 98 प्रतिशत तक बढ़ी आर्द्रता शाम घट कर 79 प्रतिशत रह गई। हालांकि रात यह फिर बढ़कर 99 प्रतिशत तक पहुंच गई है। 

पकड़ेगी जोर

द्रोणिका अपनी सामान्य स्थिति पर आ गई है। यह फलौदी, अलवर, आगरा, बांदा, गया, पुरलिया तथा कम दबाव के क्षेत्र के बीच से गुजर कर बंगाल की खाड़ी में उतर रही है। 
इसके उत्तर प्रदेश में बने चक्रवाती चक्र व कम दबाव के क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती चक्र के बीच से गुजरने के कारण मानसूनी द्रोणिका सक्रीय बनी हुई है। एक द्रोणिका कम दबाव के क्षेत्र से झारखंड, छत्तीसगढ़ से होते हुए राजस्थान जा रही है। एक कम दबाव का क्षेत्र उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी में शैशव अवस्था में है। इसके 31 जुलाई तक परिपक्व होने के आसार है। इसके पूर्ण विकसित होने पर सक्रीय मानसून को पीछे से मदद मिलेगी। मौसम जानकारों के अनुसार कम दबाव का क्षेत्र शुक्रवार को पूर्ण विकसित हुआ है। इसका प्रभाव विदर्भ पर शनिवार से देखने को मिल सकता है। इसके कमजोर होते होते नया कम दबाव का क्षेत्र इसकी जगह ले सकता है। इससे अगले सप्ताह में भी मानसूनी बौछारें जारी रह सकती हैं। मौसम विभाग ने भी शनिवार व रविवार के लिए विदर्भ में आरेंज अलर्ट जारी किया है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।