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स्ट्रीट फूड खाना करते हैं प्रिफर, स्टूडेंट्स की च्वाइस होती है डिफरेंट - जानिए क्या कहते हैं युवा

स्ट्रीट फूड खाना करते हैं प्रिफर, स्टूडेंट्स की च्वाइस होती है डिफरेंट - जानिए क्या कहते हैं युवा

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  चाहे किसी भी उम्र का व्यक्ति हो, उसे नई-नई डिशेज खाना पसंद होता है, लेकिन स्टूडेन्ट्स की च्वाइस हमेशा डिफरेंट होती है। भले ही उन्हें पता है कि, जंक फूड से सेहत को नुकसान होता है, लेकिन उन्हें तो जंक फूड खाना ही ज्यादा पसंद है। शहर के हर स्थान पर जाकर अपने फ्रेन्ड्स के साथ जंक फूड जाकर खाते हैं। आज वर्ल्ड फूड-डे पर स्टूडेन्ट्स से चर्चा के दौरान उन्होंने अपनी बातें रखीं। साथ ही कहा कि, सभी के खाने के अड्डे फिक्स हैं। उन्हें दूसरी जगह का फूड पसंद नहीं आता है।

स्ट्रीट फूड है हमारी पसंद

हम स्टूडेन्ट्स को लिमिटेड पॉकेटमनी मिलती है, इसलिए हमें अपने बजट के हिसाब से खर्च करना पड़ता है। ऐसे में हमारे लिए स्ट्रीट फूड बेस्ट ऑप्शन होता है। हम 15 फ्रेन्ड्स का ग्रुप है, जिसमे हर कोई रोज  पार्टी देता है। पार्टी में ऐसा नहीं है कि, महंगा कोई आइटम खाना होता है। ग्रुप की गर्ल्स तो पानीपुरी में ही खुश हो जाती हैं, इसलिए उनकी पसंदीदा  पानीपुरी होती है। बॉयज को स्ट्रीट डोसा या फिर दाबेली चलती है। वैसे तो कॉलेज में टिफिन लेकर आते हैं, लेकिन कॉलेज छूटने के बाद हमारी फिक्स जगह पर जाकर अपना पसंदीदा फूड खाते हैं। स्ट्रीट फूड में भी हम ऐसी जगह ही जाते हैं, जहां साफ-सफाई रहती है। -शुभम नानवानी, स्टूडेन्ट

कॉलेज कैंटीन फिक्स है

ज्यादातर हम कॉलेज की कैंटीन में खाना प्रिफर करते हैं। कैंटीन में बहुत ही स्वादिष्ट पावभाजी मिलती है। कॉलेज लाइफ में ही तो फूड को एंजॉय कर सकते हैं। आजकल बीमारियां ज्यादा हैं, लेकिन वक्त किसने देखा, इसलिए अपने मन की इच्छा पूरी कर लेनी चाहिए। हम स्टूडेन्ट्स का तो यही फंडा है कि, लाइफ में जितना डरोगे उतना ही डर बढ़ेगा। खाने के मामले में हमारे सभी दोस्त कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं करते हैं। बीमारियां तो हमारे चारों तरफ हैं, बस हमेशा ऐसी जगह पर खाना चाहिए, जो साफ-सुथरी जगह हो। साथ ही हाइजीन का विशेष ख्याल रखा हो। कॉलेज कैंटीन में सभी चीजें बहुत ही सफाई से बनाई जाती हैं।  -योगिता शाहू, स्टूडेन्ट

सेहत का रखना होगा ध्यान

स्टूडेंट लाइफ ऐसी होती है कि, इस उम्र में खान-पान पर संतुलन नहीं होता है, लेकिन बिगड़ते खान-पान के कारण आज लोगों की सेहत पर बेहद बुरा असर पड़ रहा है। 16 अक्टूबर देश भर में विश्व आहार दिवस के रूप में मनाया जाता है। अब हमें आहार के प्रति हर जगह पर विशेष सतर्कता की जरूरत है। चाहे वह होटल, स्कूल, हॉस्पिटल, घर या रेस्टारेंट हो, हर जगह संतुलित आहार अवश्य मिले। लगभग 20 प्रतिशत बच्चे मोटापे से ग्रसित हैं, जिसका कारण अव्यवस्थित खान-पान व कम शारीरिक श्रम है। हर आयु वर्ग के लोगों को संतुलित आहार लेना आवश्यक है। -माधुरी देशपांडे, डाइटीशियन

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।