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अपहरण पर पेश करो अब तक का ब्यौरा - हाईकोर्ट ने किशोरी को पेश करने के साथ ही मांगी स्टेट्स रिपोर्ट

अपहरण पर पेश करो अब तक का ब्यौरा - हाईकोर्ट ने किशोरी को पेश करने के साथ ही मांगी स्टेट्स रिपोर्ट

डिजिटल डेस्क जबलपुर। प्रेम सागर क्षेत्र बेलबाग से एक नाबालिगा के गायब होने के बाद पुलिस द्धारा गंभीरता न बरतने के आरोप को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर शनिवार को जस्टिस अतुल श्रीधरन की एकलपीठ ने सुनवाई करते हुए पुलिस को निर्देशित किया है कि वह कथित आरोपी के परिजनों के बयान ले और अपहत् किशोरी को न्यायालय के समक्ष पेश करे। इसके साथ ही कोर्ट को यह भी बताया जाए कि पुलिस की ओर से अब तक क्या कार्यवाही की गई। मामले की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी।
बंदी प्रत्यक्षीकरण का यह मामला मुन्ना लाल (बदला हआ नाम) की ओर से दायर किया गया है। इसमें आरोप है कि विगत 7 नवंबर 19 को उनकी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी दोपहर में सामान लेने दुकान गई और उसके बाद वापस नहीं आई। मामले की शिकायत पुलिस थाने में दर्ज करायी गई। जिस पर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धारा 363 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया। इसी बीच पता चला कि उनकी बेटी मोहल्ले का बलराज बंशकार बहला फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया है। जिसकी नामजद शिकायत 24 नवंबर को पुलिस को दी गई, लेकिन इसके बावजूद पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामले में सचिव गृह मंत्रालय, एसपी जबलपुर, एसएचओं बेलबाग सहित अन्य अनावेदक बलराज, महेश, राजेश, करिया, शनि व बबलू वंशकार को पक्षकार बनाया गया है। न्यायालय ने अजीत और अजय वंशकार के बयान के साथ अपहत् किशोरी को पेश करने के निर्देश दिये है। कोर्ट ने अब तक की गई कार्रवाई की स्टेट्स रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए है। साथ ही पांचों निजी अनावेदकों को नोटिस जारी किए गए है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता जितेश श्रीवास्तव पैरवी कर रहे है।
 

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