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सीवीआरडीई द्वारा विकसित उत्पाद उपयोगकर्ताओं को सौंपे गए

January 11th, 2021 14:39 IST
सीवीआरडीई द्वारा विकसित उत्पाद उपयोगकर्ताओं को सौंपे गए

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय सीवीआरडीई द्वारा विकसित उत्पाद उपयोगकर्ताओं को सौंपे गए तपस और स्विफ्ट यूएवी के लिए रिट्रैक्टिबल लैंडिंग गियर सिस्टम और पी-75 सबमरीन के लिए 18 प्रकार के फिल्टरों को सौंपे जाने का समारोह को डीआरडीओ प्रयोगशाला, कॉम्बैट व्हीकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट इस्टैब्लिशमेंट (सीवीआरडीई), चेन्नई में माननीय सांसद व रक्षा संसदीय स्थायी समिति के सदस्य डॉ. कलानिधि वीरास्वामी, डीडीआरएंडडी के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. जी सतीश रेड्डी और महानिदेशक (एसीई) श्री पी के मेहता की उपस्थिति में आयोजित हुआ। सीवीआरडीई ने तपस यूएवी के लिए तीन टन के रिट्रैक्टिबल लैंडिंग गियर (आरएलजी) सिस्टम को स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया है। इस गियर सिस्टम के डिजाइन, विकास और परीक्षण का प्रमाणन सीईएमआईएलएसी और डीजीएक्यूए के समन्वय में किया जाता है। ट्राइसाइकिल नोज व्हील प्रकार के बहु-विषयी, हाइड्रो-इलेक्ट्रो-मैकेनिकल सिस्टम का अब कोयंबटूर में एक उद्योग द्वारा विनिर्माण किया जा रहा है। उद्योग द्वारा विकसित रिट्रेक्टेबल लैंडिंग गियर सिस्टम के पहले सेट की सुपुर्दगी सीवीआरडीई, चेन्नई के निदेशक द्वारा एडीई बेंगलुरु के निदेशक को की गयी थी। सीवीआरडीई ने यूएवी के एक अलग वर्ग जिसे स्विफ्ट के रूप में जाना जाता है, के लिए एक टन रिट्रेक्टेबल लैंडिंग गियर सिस्टम की रूपरेखा तैयार की है और विकास किया है। इस सिस्टम का डिजाइन और विकास कंस्ट्रेंड बे वॉल्यूम के भीतर लैंडिंग गियर्स को समायोजित करने के लिए किया गया है। इसका विनिर्माण सीईएमआईएलएसी और डीजीएक्यूए के समुचित निरीक्षण और प्रमाणन के साथ भारतीय उद्योग की मदद से किया गया है। यह सिस्टम एडीई, बेंगलुरु को भी सौंपी गई थी। पी-75 सबमरीन के लिए स्वदेशी रूप से विकसित अठारह प्रकार के हाइड्रोलिक, लुब्रिकेशन, समुद्रीजल और ईंधन फिल्टरों का सीवीआरडीई द्वारा डिजाइन और विकास किया गया था। इन फिल्टरों का विनिर्माण अब हैदराबाद और चेन्नई में स्थित भारतीय उद्योगों की मदद से किया जा रहा है। यह स्वदेशीकरण परियोजना डीआरडीओ और नौसेना द्वारा संयुक्त रूप से वित्तपोषित की गयी थी और प्रौद्योगिकी को सफलतापूर्वक उद्योग को स्थानांतरित कर दिया गया था। डीक्यूए (एन) द्वारा विधिवत रूप से अर्हताप्राप्त इन फिल्टरों के दो सेट भारतीय नौसेना को सौंप दिए गए। डीडीआरएंडडी के सचिव ने स्वदेशी डिजाइन प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया और उन उद्योगों की सराहना की जिन्होंने इन महत्वपूर्ण कंपोनेन्ट के निर्माण के लिए सुविधा केन्द्रों की स्थापना की है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।