दैनिक भास्कर हिंदी: विपक्ष के हंगामे के बीच नगरसेवक बंटी शेलके की सदस्यता रद्द करने का प्रस्ताव मंजूर

September 24th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  कांग्रेस के तेजतर्रार युवा नेता व नगरसेवक बंटी शेलके की मनपा सदस्यता रद्द करने का प्रस्ताव सोमवार को मनपा सभागृह में मंजूर कर लिया गया। विपक्ष द्वारा महापौर के इस्तीफे को लेकर किए जा रहे हंगामे के बीच सत्तापक्ष ने उक्त प्रस्ताव पारित कर विपक्ष को ही तगड़ा झटका दिया। विशेष यह कि जब यह प्रस्ताव लाया गया उस समय कांग्रेस के जुल्फेकार भुटो, हरीश ग्वालबंसी को छोड़कर किसी ने इस प्रस्ताव का विरोध नहीं किया। प्रतिपक्ष नेता तानाजी वनवे सहित अन्य सभी कांग्रेसी हंगामे में लगे रहे। फिलहाल सभागृह की प्रस्ताव को मान्यता मिल गई। अब राज्य सरकार को इसे भेजा जाएगा। अब राज्य सरकार इस पर निर्णय लेगी। सरकार का निर्णय आने तक बंटी शेलके नगरसेवक बने रहेंगे।

...इसलिए घिरे विवादों में
गौरतलब हो कि गत वर्ष मनपा सभा की कार्यवाही के दौरान बाहर प्रदर्शन कर रही आंगनवाड़ी सेविकाएं अचानक मनपा सभागृह में घुस गई थी। अचानक अंदर आने से सभागृह की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा था। नियमानुसार मनपा सभागृह का सदस्य छोड़ कोई भी बाहरी व्यक्ति सभागृह के अंदर दाखिल नहीं हो सकता । इसे लेकर काफी बवाल मचा था। पूछताछ में आंगनवाडी सेविकाओं ने नगरसेवक बंटी शेलके पर उन्हें अंदर भेजने का आरोप लगाया था। जिसके बाद नगरसेवक शेलके को नोटिस जारी कर जांच शुरू की गई थी। शेलके से जवाब भी मांगा गया था।

सरकार लेगी निर्णय
जवाब से असंतुष्ट होने पर मनपा आयुक्त ने बंटी शेलके की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश राज्य सरकार से की । यह प्रस्ताव सोमवार को महल, टॉऊन हॉल में आयोजित मनपा सभा में रखा गया। जिस समय प्रस्ताव रखा गया, उस समय कांग्रेस, महापौर के विदेश दौरे को लेकर सभागृह में हंगामा कर रही थी। इसी हंगामे के दौरान निगम सचिव हरीश दुबे ने प्रस्ताव पढ़ा। पठन के दौरान कांग्रेस के नगरसेवक जुल्फेकार भुटो, हरीश ग्वालबंसी ने विरोध किया और खड़े हुए लेकिन अन्य कांग्रेसी हंगामा करते दिखे या फिर मौन साधे रहे। अंतत: हंगामे के बीच में ही इस प्रस्ताव को सभागृह ने मान्यता प्रदान कर दी। अब इस प्रस्ताव को राज्य सरकार को भेजकर उनकी मान्यता ली जाएगी। सरकार का निर्णय होने तक बंटी शेलके नगरसेवक बने रहेंगे।
 

सत्तापक्ष ने जानबूझकर सदस्यता रद्द की, कोर्ट में चुनौती देंगे
प्रस्ताव का हम सभी ने विरोध किया, लेकिन सत्तापक्ष ने हमारी बातों को नजरअंदाज किया। हमारी सुनी नहीं गई। बंटी शेलके हमारा मजबूत कंधा है। संघ के गढ़ से कांग्रेस का नगरसेवक चुनकर आना भाजपा को रास नहीं आ रहा है। इसलिए सत्तापक्ष ने जानबूझकर बंटी शेलके की सदस्यता रद्द करने का प्रस्ताव रखा। हम इस फैसले के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। इसे लेकर हम सड़क पर उतरेंगे। (तानाजी वनवे, प्रतिपक्ष नेता)

एकमत से प्रस्ताव पारित
जिस समय प्रस्ताव का सभागृह में लाया गया। किसी ने इसका विरोध नहीं किया। सभी कांग्रेसी हंगामा करने में मशगूल थे। अंतत: प्रस्ताव एकमत से मंजूर किया गया। (संदीप जोशी, सत्तापक्ष नेता) 

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