दैनिक भास्कर हिंदी: पीड़िता ने कहा- रेप की कोशिश से भी जीवन भर सहनी पड़ती है पीड़ा, आरोपी की याचिका खारिज 

June 12th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। रेप का प्रयास भी पीड़िता को शारीरिक और मानसिक चोट पहुंचाता है। जिसकी पीड़ा का सामना उसे पूरी जिंदगी करना पड़ता है। बांबे हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए गए एक आरोपी की अपील को खारिज करते हुए यह बात कही है। आरोपी विशाल भालेराव को पुणे सत्र न्यायालय ने दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराते हुए सात साल के कारावास की सजा सुनाई थी। निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ भालेराव ने हाईकोर्ट में अपील की थी। न्यायमूर्ति साधना जाधव के सामने आरोपी की अपील पर सुनवाई हुई। इस दौरान आरोपी के वकील ने न्यायमूर्ति के सामने दावा किया कि मेरे मुवक्किल ने वास्तविक रुप से पीडिता के साथ संबंध नहीं बनाए थे। उसने सिर्फ दुष्कर्म का प्रयास किया था। इसलिए उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की 511 ( अपराध करने का प्रयास) के तहत मुकदमा चलाया जाए। 
 

वहीं अभियोजन पक्ष मेडिकल रिपोर्ट व 12 गवाहों के बयानों के आधार पर कहा कि पीडिता आरोपी को चाचा कहके बुलाती थी। आरोपी ने पीड़िता को अज्ञात स्थान पर ले जाकर दुष्कर्म किया था। मामले से जुड़े सबूतों व तथ्यों पर गौर करने के बाद अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने आरोपी पर लगे आरोपों को संदेह से परे जाकर साबित किया है। जहां तक बात आरोपी के इस तर्क की है कि उसने सिर्फ दुष्कर्म का प्रयास किया है, तो दुष्कर्म का प्रयास भी पीड़िता को शारीरिक व नैतिक चोट पहुंचाता है जिसकी पीड़ा का उसे सारी उम्र सहनी पड़ती है। यह कहते हुए न्यायमूर्ति ने आरोपी की अपील को खारिज कर दिया। चूंकी आरोपी को साल 2011 में गिरफ्तार  किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे जमानत नहीं मिली थी। इसलिए उसने अदालत की ओर से सुनाई गई सजा को पूरा कर लिया है।