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पन्ना में निकाली गई भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा -सीएम के आदेश पर मिली अनुमति , लगाया गया कर्फ्यू

पन्ना में निकाली गई भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा -सीएम के आदेश पर मिली अनुमति , लगाया गया कर्फ्यू

डिजिटल डेस्क पन्ना। बुंदेलखण्ड के पन्ना जिलें में 170 साल पुरानी रथयात्रा निकाले जाने को कुछ घंटे पहले मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अनुमति मिल गई । जिला प्रशासन द्वारा रथयात्रा के आयोजन को लेकर पूर्व में कोई तैयारियां नही की गई थी परंतु दो दिनों से जिले के श्रृद्धालुओ के रथयात्रा निकालने को लेकर लगातार मांग रखे जाने की आवाज प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास पहुंची जहां उन्हे खजुराहों संसदीय क्षेत्र के संसद एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा तथा पन्ना विधानसभा क्षेत्र के विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा रथयात्रा के ऐतिहासिक महत्व और इसकी परंम्पराओं की जानकारी दी गई, जिस पर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कहा गया कि परम्परा नही टूटनी चाहिये और श्रृद्धालुओं की आस्था को ठेस नही पहुंचे इस संबंध में जिले के कलेक्टर को रथयात्रा निकाले जाने के संबंध में निर्देशित किया गया। सरकार द्वारा रथयात्रा को लेकर दी गई सहमति के बाद जिला प्रशासन तत्काल ही एक्शन मे आया और रथयात्रा के आयोजन को सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही किये जाने का निर्णय लिया गया। पुलिस, राजस्व तथा प्रशासनिक अधिकारियों एवं रथयात्रा के आयोजन से जुड़े श्रृद्धालुओं से इस संबंध में बातचीत करते हुये रथयात्रा की परम्परा बनी रहे इसके लिये प्रशासन के नियंत्रण में रथयात्रा निकालें जाने का निर्णय लिया गया और पहले दिन के रथयात्रा के मार्ग को रथयात्रा प्रारंभ होने से पहले कफ्र्यू क्षेत्र घोषित किया गया तथा आम श्रृद्धालुओं को रथयात्रा मे शामिल होने के लिये प्रतिबंधित किया गया। जिला कलेक्टर कर्मवीर शर्मा और पुलिस अधीक्षक मंयक अवस्थी द्वारा सुबह लगभग 12 बजे से रथयात्रा मार्ग क्षेत्र को टोटल लॉक डाउन करने के लिये कमान संभाली तथा रथयात्रा मार्ग से जुड़ी सभी गलियों में पुलिस बेरीकेट्स लगाते हुये सुरक्षा के लिये पुलिस बल की तैनाती की गई। 
पूजा अर्चना के साथ रथों में सवार होने के लिये निकले भगवान 
परम्परागत तरीके से पन्ना की प्राचीन रथयात्रा महोत्सव का आगाज आज शाम को लगभग शाम 5 बजे हुआ। बड़ा दिवाला मंदिर से भगवान जगन्नाथ स्वामी, बहिन देवी सुभद्रा तथा बड़े भाई बलभद्र की विग्रह प्रतिमाएं पूजा अर्चना के साथ मंदिर के पुजारियों और राज परिवार के सदस्यों द्वारा पूजा अर्चना करते हुये बाहर लाई गई। मंदिर स्थित सिंह द्वार में खड़े तीन अलग अलग भव्य रथों में दूल्हा स्वरूप में भगवान जगन्नाथ स्वामी बहिन सुभद्रा एवं बडे भाई बलभद्र जी की प्रतिमाएं बैठाई गई। 
शस्त्र पुलिस ने भगवान के सम्मान में पेश किया गॉड ऑफ आनर
रथयात्रा प्रारंभ होने के अवसर पर परम्परा के अनसार बड़ी संख्या मे सशस्त्र पुलिस जवान उपस्थित थे जिनके द्वारा राजसी परम्परा का पालन करते हुये भगवान के सामनें गॉड ऑफ ऑनर पेश किया गया और इसके बाद पन्ना महाराज राघवेन्द्र सिंह जू देव तथा राज परिवार के वरिष्ठ सदस्य लोकेन्द्र सिंह जू देव द्वारा भगवान के रथ को धक्का देते हुये आगे बढाया और इसके साथ ही रथयात्रा की शुरूआत हो गई।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।