दैनिक भास्कर हिंदी: इस गांव में शराब बेचने वालों को नहीं मिलेगा राशन व केरोसीन

May 2nd, 2018

डिजिटल डेस्क, गड़चिरोली । अवैध शराब बिक्री रोकने के लिए पुलिस विभाग और राज्य उत्पादन शुल्क विभाग द्वारा आए दिन कार्रवाइयां की जा रही हैं। बाजवूद इसके गरमीं क्षेत्रों में अवैध शराब बिक्री रुकने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में आरमोरी तहसील के वड़धा ग्राम पंचायत द्वारा अवैध शराब बिक्री रोकने का नया फार्मूला अपनाए जाने से परिसर के शराब विक्रेताओं की नींद उड़ गई है। बता दें कि, ग्राम पंचायत की विशेष सभा में अब गांव व ग्रापं क्षेत्र अंतर्गत शराब बेचनेवालों को राशन और केरोसीन नहीं देने का निर्णय लिया गया है। फलस्वरूप वड़धा ग्राम पंचायत का यह अनोखा निर्णय अन्य ग्राम पंचायतों के समक्ष आदर्श पेश किया है। 
   
शामिल हैं ये 7 गांव
गौरतलब है कि, आरमोरी तहसील के वड़धा ग्राम पंचायत अंतर्गत कुल 7 गांव आते हैं। इनमें वड़धा, डार्ली, देशपुर, कुरंजा, देवीपुर, टेंभा चक और चिचोली आदि गांवों का समावेश है। इन गांवों में पिछले अनेक दिनों से अवैध शराब बिक्री  जोरों पर शुरू थी। इससे क्षेत्र में शांति व सुव्यवस्था बनाए रखने में अनेक दिक्कतें हो रही थीं।  ऐसे में वड़धा ग्राम पंचायत ने क्षेत्र में शुरू अवैध शराब बिक्री को पूरी तरह बंद करने के लिए रामबाण उपाय ढूंढ निकाला है। बता दें कि, 23 अप्रैल को ग्राम पंचायत कार्यालय में आयोजित विशेष सभा में मुक्तिपथ अभियान के पदाधिकारी, ग्राम पंचायत की सरपंच कोलते समेत पदाधिकारी और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 

सभा में निर्णय  लिया गया कि, यदि क्षेत्र के अवैध शराब विक्रेता 1 मई तक अवैध शराब बिक्री का व्यवसाय बंद नहीं करेेंगे तो उन्हें सरकारी अनाज दुकान से राशन और केरोसीन नहीं मिलेगा। साथ ही उन्हें ग्राम पंचायत कार्यालय के आवश्यक प्रमाणपत्र भी नहीं मिलेंगे।  बता दें कि, उपरोक्त निर्णय लेने के बाद ग्राम पंचायत द्वारा संबंधित शराब विक्रेताओं के घर पर नोटिस भी चिपकाए गए। 1 मई से ग्राम पंचायत ने उक्त निर्णय पर अमल किया है। शराबबंदी के लिए उपरोक्त निर्णय लेकर वड़धा ग्राम पंचायत ने अन्य ग्राम पंचायतों के समक्ष आदर्श रखा है। 

यह निर्णय शराब बिक्री रोकने के लिए कारगर
क्षेत्र में जारी अवैध शराब बिक्री रोकने के लिए गत 23 अप्रैल को ग्राम पंचायत ने सभा आयोजित की जिसमें शराब विक्रेताओं को 1 मई से राशन, केरोसीन और ग्रापं के प्रमाणपत्र नहीं देने का निर्णय लिया गया है। ग्रापं का यह निर्णय अवैध शराब बिक्री रोकने में मददगार साबित होगा। 
(पी.पी. हुड, ग्राविकास अधिकारी, वड़धा)
@मनोज वनकर