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राऊत की सलाह - मराठा आरक्षण के लिए प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करें फडणवीस, राष्ट्रपति-पीएम के पास जाएगी ठाकरे सरकार 

राऊत की सलाह - मराठा आरक्षण के लिए प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करें फडणवीस, राष्ट्रपति-पीएम के पास जाएगी ठाकरे सरकार 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। सुप्रीम कोर्ट के मराठा आरक्षण रद्द करने के फैसले के बाद प्रदेश में गरमाई राजनीति के बीच शिवसेना सांसद संजय राऊत ने विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस को राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने का आह्वान किया है। राऊत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि राज्य सरकार को मराठा आरक्षण देने का अधिकार नहीं है। ऐसे में हम लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास जाएंगे। फडणवीस हमारे साथ आकर हमारा नेतृत्व करें। गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में राऊत ने कहा कि फडणवीस को ज्यादा राजनीति न करते हुए सरकार का साथ देना चाहिए।उन्हें मराठा समाज के लिए स्थायी हल निकलाने के लिए प्रयास करना चाहिए। राऊत ने कहा कि फडणवीस ने ही मराठा आरक्षण का कानून बनाया था। उन्होंने ही वकीलों की नियुक्ति की थी। सरकार ने फडणवीस के रास्ते पर आगे चलते हुए लड़ाई को जारी रखा है। राऊत ने कहा कि मराठा आरक्षण विधेयक को विधानसभा में सर्वसहमति से मंजूर किया गया था। ऐसे में मराठा आरक्षण कानून अवैध नहीं हो सकता है पर सुप्रीम कोर्ट ने इसको अवैध करार दिया है। 

राज्य सरकार ओबीसी की उपश्रेणी बना दे सकती है मराठा आरक्षण - राठोड 

पूर्व विधायक तथा शिवसेना समर्थित नेता हरिभाऊ राठोड ने मराठा आरक्षण को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। राठोड ने कहा कि राज्य सरकार के पास अधिकार होते हुए भी केंद्र सरकार से मराठा समाज के लिए आरक्षण की मांग करना गलत है। राठोड ने कहा कि सरकार ओबीसी की उपश्रेणी बनाकर मराठा समाज को 6 प्रतिशत आरक्षण दे सकती है। जबकि 4 प्रतिशत आरक्षण बलुतेदारों को भी दिया जाना चाहिए। राठोड ने कहा कि यदि सरकार मराठा समाज को सीधे ओबीसी कोटे में आरक्षण देती है तो इससे तनाव पैदा हो सकता है। इसलिए सरकार को ओबीसी की उपश्रेणी बनाकर मराठा-कुनबी के तहत आरक्षण देना चाहिए। 
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।