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रिपोर्ट : बुजुर्गों के खिलाफ अपराध में सबसे आगे है महाराष्ट्र 

रिपोर्ट : बुजुर्गों के खिलाफ अपराध में सबसे आगे है महाराष्ट्र 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बुजुर्गों के खिलाफ अपराध के मामले में महाराष्ट्र सबसे आगे हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है। साल 2017 में महाराष्ट्र में 5321 बुजुर्ग आपराधिक वारदातों के शिकार हुए हैं। दूसरे क्रमांक पर मध्य प्रदेश है, जहां बुजुर्गों के खिलाफ 4716 अपराध हुए। वहीं महानगरों की बात करें तो मुंबई में सबसे ज्यादा 1115 बुजुर्ग अपराध का शिकार हुए हैं। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक देशभर में साल 2017 में बुजुर्गों के खिलाफ कुल 22727 अपराध किए गए। इसमें से 23.4 फीसदी आपराधिक वारदातें महाराष्ट्र जबकि 20.8 फीसदी वारदातें मध्यप्रदेश में हुईं। दक्षिण भारत का राज्य तमिलनाडु सूची में तीसरे नंबर पर है यहां 2769 बुजुर्ग अपराधियों का निशाना बने जो कुल अपराधों का 12.2 फीसदी था। महाराष्ट्र में बुजुर्गों के खिलाफ आपराधिक मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है। साल 2015 में बुजुर्गों के खिलाफ 4694 अपराध हुए थे जो साल 2017 में बढ़कर 5321 तक पहुंच गए। असम और झारखंड बुजुर्गों के लिए सबसे सुरक्षित राज्य रहे जहां कोई बुजुर्ग अपराधियों का शिकार नहीं बना। अरुणाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और सिक्किम में केवल 1-1 बुजुर्ग आपराधिक वारदात के शिकार बने। उत्तराखंड, मेघालय में भी सिर्फ 2-2 और मणिपुर में 3 बुजुर्ग अपराधियों के शिकार बने। 

असुरक्षित पांच शहरों में तीन महाराष्ट्र के, नागपुर भी शामिल

20 लाख से ज्यादा आबादी वाले कुल 19 शहरों में मुंबई बुजुर्गों के लिए सबसे असुरक्षित हैं। यही नहीं पहले पांच शहरों में पुणे और नागपुर भी शामिल हैं। मुंबई में 1115 बुजुर्ग अपराधियों के शिकार बने। इसके बाद दिल्ली का नंबर आता है जहां 736 बुजुर्गों ने अपराधों का सामना किया। चेन्नई 484 दर्ज मामलों के साथ तीसरे और पुणे 178 मामलों के साथ चौथे नंबर पर है। नागपुर बुजुर्गों के लिए देश के सबसे असुरक्षित शहरों की सूची में पांचवें नंबर पर है जहां 121 बुजुर्ग आपराधिक वारदातों के शिकार हुए। 

बुजुर्ग बन रहे अपराधियों का शिकार

राज्य                 दर्ज अपराध
महाराष्ट्र             5321
मध्यप्रदेश          4716
तमिलनाडु          2769
आंध्रप्रदेश           1823
तेलंगाना            1308

शहर      दर्ज अपराध
मुंबई       1115
दिल्ली      736
चेन्नई       484
पुणे         178
नागपुर      121 
 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।