दैनिक भास्कर हिंदी: राणे ले ना जाएं श्रेय, उद्धव ने कहा- रिपोर्ट का इंतजार किए बगैर मिले मराठा आरक्षण

July 30th, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मराठा आरक्षण पर शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सोमवार को पार्टी के विधायकों और मंत्रियों के साथ बैठक की। इसके बाद पार्टी के मंत्रियों और विधायकों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। पत्रकारों से बातचीत में उद्धव ने कहा कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट की इंतजार किए बिना प्रदेश सरकार को मराठा आरक्षण देना चाहिए। उद्धव ने आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की वकालत भी की।

उद्धव ने कहा कि आरक्षण देने का अधिकार विधानमंडल को है। इसलिए सरकार को विधानमंडल का विशेष अधिवेशन बुलाकर आरक्षण के बारे में फैसला करना चाहिए। उद्धव ने कहा कि मराठा समाज के साथ दूसरे समाज की आरक्षण से जुड़ी मांग पर विचार करना चाहिए। 

दूसरी ओर मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद शिवसेना नेता व प्रदेश के पर्यावरण मंत्री रामदास कदम ने कहा कि फडणवीस से हम लोगों की मुलाकात सकारात्मक हुई है। हमने उद्धव की भूमिका को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया है। सरकार से मराठा समाज को जल्द से जल्द 16 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की है। कदम ने बताया कि मुख्यमंत्री देर रात अपने सचिवों के साथ बैठक करने वाले हैं। इस दौरान वे कानूनी पहलुओं पर चर्चा करेंगे। 


राणे को श्रेय नहीं लेने देना चाहते हैं शिवसेना के विधायक 
मराठा आरक्षण के हिंसक आंदोलन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद नाराण राणे ने मराठा संगठन के एक गुट को साथ ले जाकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। राणे लगातार मुख्यमंत्री के संपर्क में हैं। इस पर शिवसेना के विधायकों ने पार्टी की बैठक में कहा कि हमें आरक्षण के मामले में राणे को श्रेय लेने नहीं देना चाहिए। यदि राणे मुख्यमंत्री से मिल सकते हैं, तो शिवसेना के मंत्रियों को मिलने में क्या परेशानी है।

पार्टी के विधायकों ने राष्ट्रवादी कांग्रेस के अध्यक्ष शरद पवार के संविधान संशोधन वाले बयान को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उधर पूर्व मुख्यमंत्री राणे ने दावा किया है कि उद्धव और राज ठाकरे का मराठा आरक्षण के लिए विरोध है। इसलिए वे लोग आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की वकालत कर रहे हैं। 

शिवसेना के विधायक हर्षवर्धन जाधव का आंदोलन 
औरंगाबाद की कन्नड सीट से शिवसेना विधायक हर्षवर्धन जाधव मराठा आरक्षण के लिए अध्यादेश जारी करने की मांग को लेकर मंत्रालय के पास स्थिति महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने आंदोलन पर बैठ गए।जाधव ने कहा कि आरक्षण की मांग को लेकर मराठा समाज के युवाओं की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में सरकार को आरक्षण के लिए अध्यादेश जारी करना चाहिए।

जाधव ने कहा कि मैं उद्धव ठाकरे से मुलाकात करना चाहता था, लेकिन वह मुझसे नहीं मिल सके। इसके बाद मैंने मुख्यमंत्री से फोन पर अध्यादेश जारी करने की मांग की। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने अध्यादेश जारी करने से साफ इंकार कर दिया। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने जाधव से कहा कि आप किसी भी विधि विशेषज्ञ से चर्चा कर लिजिए। अध्यादेश अदालत में नहीं टिक पाएगा।