दैनिक भास्कर हिंदी: किसानों को राहत : सूखाग्रस्त इलाकों में कर्ज वसूली पर लगी रोक, एक मुश्त समाधान योजना की अवधि 31 मार्च तक बढ़ी 

December 19th, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश में सूखे के संकट के बीच राज्य सरकार ने किसानों को थोड़ी राहत देने का फैसला किया है। सरकार ने साल 2018 खरीफ फसल सत्र में सूखा घोषित किए गए 180 तहसीलों और 268 राजस्व मंडलों में फसल कर्ज का पुनर्गठन करेगी। साथ ही खेती से जुड़े कर्ज की वसूली पर रोक लगा दी गई है। सरकारी के फैसले के अनुसार खरीफ 2018 फसल सत्र में खेती से जुड़े किसानों के कर्ज की वसूली 31 अक्टूबर 2019 तक नहीं होगी। जबकि अल्पावधि कर्ज को मध्यमवधि कर्ज के रूप में 5 साल के लिए पुनर्गठन करने को मंजूरी दी गई है। बुधवार को सरकार के सहकारिता विभाग ने इस संबंध में परिपत्र (सर्कुलर) जारी किया। इसके अनुसार खरीफ 2018 में फसल कर्ज वापस करने की तारीख 31 मार्च 2019 है। लेकिन जो किसान तय अवधि में फसल कर्ज वापस नहीं कर सकेंगे, ऐसे किसानों की सहमति लेकर खरीफ 2018 के कर्ज को ब्याज सहित मध्यम अवधि के कर्ज के रूप में 5 साल के लिए पुनर्गठन किया जाएगा। सरकार के इस फैसले के अनुसार प्रदेश में राष्ट्रीयकृत बैंक, व्यापारी बैंक, महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड और संबंधित जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों को आवश्यक कार्यवाही करनी होगी। सरकार ने साल 2018 के खरीफ फसल कर्ज के पुनर्गठन की कार्यवाही सभी बैंकों को 31 जुलाई तक पूरी करने को कहा है। फसल कर्ज का पुनर्गठन करने वाले किसानों को अगले खरीफ की फसलों की बुवाई के लिए नया कर्ज उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार ने सहकारिता आयुक्त व निबंधक, सहकारी संस्था, समन्वयक और राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) बैंक ऑफ महाराष्ट्र को कहा है कि इस परिपत्र को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।  

किसान कर्ज माफी में एक मुश्त समाधान योजना की अवधि 31 मार्च तक बढ़ी 

वहीं छत्रपति शिवाजी महाराज किसान सम्मान योजना के अंतर्गत मूलधन व ब्याज को मिलाकर 1.50 लाख रुपए से ज्यादे के बकायादार किसानों के लिए लागू एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस) की अवधि 31 मार्च 2019 तक बढ़ा दी गई है। ओटीएस योजना की अवधि 31 दिसंबर 2018 को खत्म होने वाली है। लेकिन राज्य सरकार ने इसको 1 जनवरी से 31 मार्च 2019 तक बढ़ा दिया है। बुधवार को सरकार के सहकारिता विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया। इसके अनुसार ओटीएस योजना की समयावधि तीन महीने के लिए बढ़ाई गई है। प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों के बकाया कर्ज माफ करने के लिए 24 जून 2017 को कर्ज माफी का फैसला किया था। इसके तहत किसानों का 1.50 लाख रुपए तक का कर्ज माफ करने की योजना लागू की गई। जबकि 1.50 लाख रुपए से ज्यादा कर्ज वाले किसानों को ओटीएस योजना का लाभ दिया रहा है।