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पैनगंगा नदी पुलिया तक की सड़क तय समय के बाद भी नहीं बन पाई

पैनगंगा नदी पुलिया तक की सड़क तय समय के बाद भी नहीं बन पाई

डिजिटल डेस्क, चंद्रपुर। घुग्घुस रेलवे साइडिंग से पैनगंगा नदी पुलिया तक बन रही सीमेंट सड़क का काम कछुआ गति से चल रहा है। उस पर यहां इस्तेमाल की जानेवाली रेत भी रॉयल्टी वाली न होने की बात कही जा रही है। वहीं मुरुम भी गलत तरीके से खोदकर इसमें प्रयोग किया जा रहा हे। इससे सरकार के राजस्व का नुकसान होने की बात कही जा रही है। वेकोलि के बजट से करीब 10  करोड़ रुपए की मंजूर यह सड़क एएसडीसी कंपनी बना रही है। जानकारी के अनुसार यह मुख्य मार्ग कोयला परिवहन के लिए बनाया जा रहा है। कोयले के भारी यातायात से मामूली सड़क खराब हो जाती है।  यह न हो और वेकोलि को सुविधा मिलने के साथ ही परिसर के गांवों के लोगों को भी राहत मिले, इस उद्देश्य से वेकोलि वणी क्षेत्र ने करीब 12  कि.मी. की सड़क को मंजूरी प्रदान कर राशि आवंटित की है। परिसर में 10 से 12  गांव हैं, जो इस सीमेंट की सड़क का प्रयोग करेंगे।

पैनगंगा-मुंगोली कोयला खदान से दिन-रात कोयले का परिवहन होता है। कोयले से भरे वाहनों के लिए सड़क का मजबूत होना भी जरूरी है। इसलिए वेकोलि ने यह विकास कार्य मंजूर किया है। 600  मीटर मार्ग के एक हिस्से का काम चल रहा है। यह साखरा बस्ती से लेकर मुंगोली चेक पोस्ट तक ही है। बाद में टायर रोड का काम होगा जो घुग्घुस रेलवे साइडिंग तक जाएगा। सड़क का काम रात के समय ही किया जा रहा है। पास ही की वर्धा नदी से रेत लेकर इस कार्य में इस्तेमाल की जा रही है। कांक्रीट मिक्सर मशीन के माध्यम से रातोंरात यह कार्य निपटाने से घटियां दर्जे का होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं पास के एक गांव से मुरुम का भी उत्खनन जेसीबी व हाईवा के माध्यम से होने की खबर है। 

अब तक हो जाना था  सड़क का काम

वेकोलि के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह सड़क बारिश के बाद ही बन कर तैयार होनी थी। 25 अक्टूबर तक यह कार्य पूरा करना था। परंतु इसमें संबंधित ठेका कंपनी की ओर से विलंब हो चुका है। इस बारे में संबंधित ठेका कंपनी ने समय सीमा बढ़ाने का आवेदन किया है। जो प्रक्रिया में होने की जानकारी वेकोलि के अधिकारिक सूत्रों ने दी।  

कैसा होगा यह मार्ग

मंजूरी के अनुसार यह मार्ग करीब 12 किमी होगा। जिसमें महज 600 मीटर सीमेंट कांक्रीट तो अन्य टायर का होगा। मार्ग की लंबाई 600 मीटर व चौड़ाई 9 मीटर होगी। इस मार्ग की उम्र करीब 3 से 4 वर्ष होगी।   गुणवत्ता का निरीक्षण वेकोलि यंत्रणा करेगी। निर्माण में गिट्टी, रेत व मुरुम का प्रयोग होगा।

रॉयल्टी की ही रेत का  किया जा रहा प्रयोग

सीमेंट सड़क का काम करीब 500 मीटर एक ओर से हो चुका है। हमने जो भी रेत इसके लिए इस्तेमाल की वह सब रॉयल्टी की ही है। हम चोरी की रेत का प्रयोग नहीं करते। हमारा काम अपडेट रहता है।  -राकेश कुमार, प्रबंधक, एएसडीसी कंपनी, घुग्घुस 

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