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संघ के विजयादशमी उत्सव की तैयारियां मुकम्मल, पहुंच रही कई हस्तियां

संघ के विजयादशमी उत्सव की तैयारियां मुकम्मल, पहुंच रही कई हस्तियां

डिजिटल डेस्क,नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विजयादशमी के कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर चल रही है। सारी तैयारियां लगभग अंतिम चरण में है। रेशमबाग मैदान में मुख्य अतिथियों का पंडाल गड़ चुका है। आमंत्रित अतिथि, दर्शक व श्रोताओं के लिए बैठक व्यवस्था के साथ ही स्वयंसेवकों के लिए मैदान में रेखांकन हो चुका है। वहीं स्थानीय प्रशासन व अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे है। सुबह-सुबह कुछ विशेष हस्तियां नागपुर पहुंच चुकी है जबकि कुछ देर रात पहुंचने की संभावना है।

गणवेश के लिए वस्तु भंडार पर स्वयंसेवकों की भीड़

संघ के विजयादशमी के पथ संचलन में शामिल होने के िलए प्रत्येक स्वयंसेवक को पूर्ण गणवेश में होना अनिवार्य है। इसमें संघ की काली टोपी, सफेद शर्ट, कथई रंग का बेल्ट बिना चमड़े का, फुल पेंट, खाकी मौजे, काले जूते फीता वाले और दंड (डंडा) जिसकी ऊंचाई कंधे तक हो। एक स्वयंसेवक के पास यह सब होने के बाद ही वह पथ संचलन में शामिल हो सकता है। ऐसे में जिन स्वयंसेवकों के पास पूर्ण गणवेष नहीं थी उनकी भीड़ रेशमबाग स्थित वस्तु भंडार पर देखने को मिली। कोई अपने लिए पेंट खरीद रहा था तो काेई शर्ट और टोपी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विजयादशमी के कार्यक्रम में देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर की नजरें लगी रहती हैं। विजयादशमी के इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का उद्बोधन सभी का केन्द्र बिन्दु रहता है। इस बार सभी की नजर आईटी सेक्टर पर रहने वाली है, क्योंकि कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में एचसीएल कंपनी के संस्थापक व अध्यक्ष शिव नाडार शामिल होंगे।

शस्त्रपूजन और पथ संचलन
बता दें कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विजयादशमी के अवसर पर 8 अक्टूबर को सुबह 7.40 बजे रेशमबाग मैदान में विजयादशमी व शस्त्रपूजन कार्यक्रम होगा। प्रमुख अतिथि की उपस्थिति में डॉ. भागवत का उद्बोधन होगा। इसके पूर्व हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 6.15 बजे संघ के स्वयंसेवकों का  पथ संचलन रेशमबाग मैदान से होकर शहर के विभिन्न रास्ते से गुजरते हुए वापस रेशमबाग मैदान पहुंचेगा। पथ संचलन में व्यवसायी तरुण व महाविद्यालयीन तरुण क्रमश: होंगे। मुख्य कार्यक्रम में शारीरिक, घोष वादन संघ गीत आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 

यहां से निकलेगा पथ संचलन

व्यवसायी तरुण वर्ग
शहर के रेशमबाग मैदान, अप्सरा चौक,  नाग नदी पुलिया से बाईं ओर, सोनाजी की वाड़ी, साने गुरुजी उद्यान के सामने से, ग्रेट नाग रोड, दंगल चौक होते हुए वापस रेशमबाग मैदान पहुंचेगा।

महाविद्यालयीन विद्यार्थी वर्ग
रेशमबाग मैदान, व्यास सभागृह के सामने से निकलकर, गजानन चौक, एसडी हॉस्पिटल से बाईं ओर, भोला गणेश चौक, सुरेश भट सभागृह, पुष्पांजलि अपार्टमेंट से वापस  रेशमबाग मैदान पहुंचेगा। वाहन पार्किंग कि व्यवस्था लोकांची शाला, जामदार हाईस्कूल तथा वॉलीबॉल मैदान में की गई है।

वेबसाइट पर सीधा प्रसारण 
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण का केन्द्र सरसंघचालक डॉ. भागवत का उद्बोधन है, जिसका सीधा प्रसारण www.rss.org  वेबसाइट पर किया जाएगा। मंगलवार को कार्यक्रम में अधिक से अधिक  संख्या में उपस्थित रहने का आह्वान महानगर संघचालक राजेश लोया और सहसंघचालक श्रीधर गाड़गे ने किया है। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां लगभग पूरी होने की जानकारी भी दी गई है।
 
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।