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ग्रामीण जीवनोन्नति अभियान के ठेका कर्मचारियों को नहीं निकाला जाएगा - जैन

ग्रामीण जीवनोन्नति अभियान के ठेका कर्मचारियों को नहीं निकाला जाएगा - जैन

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश के महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नति अभियान तथा उमेद अभियान के तहत ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों को नौकरी से नहीं निकाला जाएगा। ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों का वेतन भी कम नहीं किया जाएगा। रविवार को राज्य ग्रामीण जीवनोन्नति अभियान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीण जैन ने यह स्पष्ट किया है। जैन ने कहा कि अभियान के कर्मचारी अफवाहों और गलत सूचनाओं पर विश्वास न करे। उन्होंने कहा कि 10 सितंबर 2020 अथवा उसके बाद करार खत्म होने वाले ठेके के कर्मचारियों की सेवाएं आउटसोर्सिंग की गई नई दिल्ली की सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेस इंडिया लिमिटेड कंपनी के माध्यम से ली जाएगी।

जैन ने कहा कि अभियान के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं को पहले की तरह जारी रखा जाएगा। जैन ने बताया कि राज्य के 34 जिलों के 351 तहसीलों के 38 हजार 581 गांवों में अभियान के माध्यम से काम किया जाता है। अभियान के तहत 4.72 लाख महिला स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं। 52 लाख परिवार अभियान से जुड़े हैं। 

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