दैनिक भास्कर हिंदी: विदर्भ में पैकेज के नाम पर छलावा, महंगी हुई जंगल सफारी

February 12th, 2020

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  विदर्भ में जंगल सफारी पैकेज के नाम पर महंगी हो गई है। कहने में कोई गुरेज नहीं कि ऐसे में आम लोगों के लिए पहले से महंगी सफारियां अब बजट के बाहर हो गईं हैं। हालांकि वन विभाग इसे सुविधाजनक बता रही है। विदर्भ के ताड़ोबा, पेंच, उमरेड करांडला से लेकर अन्य जंगल सफारियों में जिप्सी, गाइड, कैमरा सभी का किराया पहले की तुलना में 50 से 200 रुपए तक बढ़ाया गया है। 

यहां हिरण से लेकर बाघ तक हैं
शहर से दूर जंगल क्षेत्र में वन्यजीवों के बीच दिन बिताना किसे अच्छा नहीं लगता है। इंसान व वन्यजीवों का आमना-सामना होना खतरनाक हालत पैदा करता है, लेकिन जंगल सफारी में यही हालात रोमांच पैदा करता है। विदर्भ में गोरेवाड़ा, उमरेड करांडला, पेंच टाइगर रिजर्व, मेलघाट, ताड़ोबा अंधारी, नवेगांव नागझिरा, टिपेश्वर, बोर व्याघ्र प्रकल्प आदि जंगल सफारियां हैं। यहां हिरण से लेकर बाघ तक के दर्शन होते हैं। जिप्सी में बैठकर सैलानी इसका लुत्फ उठाते हैं।  

थानेदारों को आईडी व पासवर्ड इसलिए उपलब्ध कराए गए हैं ताकि वे गुम बच्चों से संबंधित जानकारी व रिपोर्ट प्रतिदिन पोर्टल में डालें, लेकिन अधिकांश थानेदारों को तकनीकी जानकारी ही नहीं है। लिहाजा वे पूरी जानकारी पुलिस मुख्यालय व एसपी कार्यालय को देते हैं। इसके बाद वहां से जानकारियां अपलोड की जाती है। इससे अनावश्यक विलंब होता है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार व निर्देश के बाद लंबे समय से गायब बालक-बालिकाओं की गुमशुदगी प्रकरणों में अपहरण का मामला दर्ज किया जा रहा है। इसके साथ ही इस तरह के लंबित मामलों का निराकरण करने के लिए वरिष्ठ अधिकारी गंभीर हो चुके हैं।

पीएसआई को करेंगे नियुक्त 
शहर के थानों मेें मिसिंग स्क्वाॅड के लिए अब पीएअाई को नियुक्त किया जाएगा। इस मामले को लेकर उससे पूछताछ की जाएगी। शहर के गुमशुदा लोगों के बारे में उससे अपडेट रिकार्ड भी मांगा जाएगा। उसकी यह जिम्मेदारी होगी कि वह हर रिकार्ड को अपडेट रखे। अगर वह ऐसा नहीं कर पाता है तो इसके लिए उसे फटकार भी लग सकती है। 
- डाॅ. नीलेश भरणे, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, नागपुर शहर

सब नियमानुसार
जंगल सफारी का किराया नहीं बढ़ाया है, पैकेज सिस्टम लागू किया है। जिप्सी व गाइड शुल्क स्थानीय निवासियों की मांग पर नियमानुसार बढ़ाई गई है। 
-राहुल गवई, डीएफओ (वाइल्ड लाइफ) उमरेड करांडला

पैकेज सिस्टम  लागू किया 
किराया नहीं बढ़ाया है। पूरे इंडिया में जंगल सफारी के लिए जिस तरह पैकेज सिस्टम लागू किया गया है, उसी तरह पेंच में भी पैकेज सिस्टम सफारी शुरू होने के बाद लागू किया है। 
-ए. देवकर, एसीएफ (वाइल्ड लाइफ) पेंच