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 जिला चिकित्सालय में कोरोना पॉजिटिव महिला का कराया सुरक्षित प्रसव

 जिला चिकित्सालय में कोरोना पॉजिटिव महिला का कराया सुरक्षित प्रसव

डिजिटल डेस्क शहडोल । कोरोना पॉजिटिव का मामला आते ही जहां लोग मरीज से दूरी बना लेते हैं, वहीं मेडिकल कॉलेज व जिला चिकित्सालय के स्टॉफ ने पॉजिटिव महिला का सुरक्षित प्रसव कराकर मानवीयता का परिचय दिया है। संक्रमित महिला की न केवल नार्मल डिलेवरी कराई गई, बल्कि नवजात व मां की सुरक्षा के लिए पूरी टीम दिन-रात नजर रखे हुए है। 
पॉजिटिव महिला के प्रसव का यह जिले का पहला मामला है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग से जुड़े डॉक्टर व स्टाफ काफी उत्साहित हैं, क्योंकि यह कार्य स्वास्थ्य मोहकमे के प्रति लोगों में विश्वास बढ़ाने वाला है। बुढ़ार क्षेत्र की निवासी गर्भवती महिला की जांच रिपोर्ट 25 सितंबर को पॉजिटिव आने के बाद मेडिकल कॉलेज शहडोल में भर्ती कराया गया था। पॉजिटिव आने के पहले परिजनों को एक निजी चिकित्सालय से सीजर की सलाह दी गई थी। पॉजिटिव होने के बाद परिजन चिंतित थे। लेकिन मेडिकल कॉलेज में डॉ. नागेंद्र सिंह व डॉ. सोना सिंह द्वारा महिला तथा परिजनों को ढाढ़स बंधाया गया कि सब कुछ ठीक हो जाएगा।
पेन होने पर जिला अस्पताल किया शिफ्ट
सोमवार को महिला की प्रसव पीड़ा बढऩे लगी। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ने जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. वीएस वारिया से समस्या बताते हुए वहीं शिफ्ट करने पर चर्चा की गई। क्योंकि प्रसव संबंधी सुविधा मेडिकल में नहीं है। डॉ. वारिया की सहमति के बाद महिला को जिला चिकित्सालय शिफ्ट कराया गया। नव निर्मित आईसीयू के बगल वाले कमरे में सारी व्यवस्था की गई। मेडिकल कॉलेज की डॉ. सोना सिंह व जिला चिकित्सालय के स्टाफ द्वारा कल ही नार्मल प्रसव कराया गया। सुरक्षित प्रसव के बाद सभी ने राहत की सांस ली, क्योंकि महिला की बीपी नार्मल नहीं था।
नवजात में संक्रमण का खतरा कम
डॉ नागेंद्र सिंह के अनुसार नवजात में संक्रमण की संभावना कम ही होती है। संक्रमण तब होता है जब कोई सीधे संपर्क में आए। पेट में ऐसी संभावना नहीं होती। वहीं सीएस डॉ. वारिया ने बताया कि 2-3 दिन बाद नवजात का सेंपल लेकर जांच कराई जाएगी। वहीं बच्चे को संक्रमित होने से बचाने के लिए स्टाफ द्वारा सारे उपाय किए जा रहे हैं।
 

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