दैनिक भास्कर हिंदी: सैलरी खाते से आधार लिंक न होने पर वेतन नहीं रोक सकते : हाईकोर्ट 

November 19th, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बांबे हाईकोर्ट ने सैलरी अकाउंट को आधारकार्ड से लिंक न करने के कारण बांबे पोर्ट ट्रस्ट के कर्मचारी के वेतन को रोकने के केंद्र सरकार के निर्णय पर सवाल उठाए और पोर्ट ट्रस्ट को कर्मचारी को साल 2016 से रोके गए वेतन का भुगतान करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति अभय ओक व न्यायमूर्ति संदीप शिंदे की खंडपीठ ने रमेश पुराले की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद यह निर्देश दिया। याचिका पर व इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए फैसले पर गौर करने के बाद खंडपीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया हमे महसूस होता है कि सैलरी बैंक खाते को आधारकार्ड से न जोड़ने पर वेतन को नहीं रोका जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ सब्सिडी व सरकारी योजना के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य किया है। लिहाजा कर्मचारी को उसके रोके गए वेतन का तुरंत भुगतान किया जाए। 

याचिका में मुख्य रुप से केंद्रीय जहाजरानी मंत्रालय की ओर से 2015 को जारी उस पत्र को चुनौती दी गई थी जिसके तहत सभी कर्मचारियों को अपने सैलरी अकाउंट को आधार कार्ड से लिंक करने के लिए कहा गया था। इसके अलावा पोर्टट्रस्ट ने भी इस संबंध में परिपत्र जारी किया था। किंतु इसे मौलिक अधिकार के तहत आनेवाले नीजता के अधिकार का उल्लंघन मानते हुए सैलरी अकाउंट को आधार कार्ड से लिंक करने से पुराले ने मना कर दिया । इसके बाद उसको वेतन देना बंद कर दिया गया था। 

याचिका पर गौर करने के बाद खंडपीठ ने केंद्र सरकार के इस रुख को लेकर सवाल उठाए और कहा कि सिर्फ आधार कार्ड न लिंक करने के लिए आप (केंद्र सरकार) कर्मचारी का वेतन कैसे रोक सकते हो? यह बात कहते हुए खंडपीठ ने पोर्ट ट्रस्ट को कर्मचारी की रोके गए वेतन का भुगतान करने का निर्देश दिया।