comScore

ऑनलाईन नहीं ऑफलाईन हो रही बकरों की बिक्री, नसीम खान ने बताया शरियत के खिलाफ

ऑनलाईन नहीं ऑफलाईन हो रही बकरों की बिक्री, नसीम खान ने बताया शरियत के खिलाफ

डिजिटल डेस्क, मुंबई। कोरोना संकट के मद्देनजर राज्य सरकार ने ईद के लिए बकरों की ऑनलाईन खरीदारी करने का निर्देश दिया है, लेकिन कुर्बानी के लिए बकरों की ऑनलाईन खरीदारी के लिए कोई तैयार नहीं है। फिलहाल मुस्लिम इलाकों में जगह-जगह बकरों की दुकानें खुल गई हैं, जहां से लोग बकरों की खरीदारी कर रहे हैं। पिछले दिनों राज्य के गृह विभाग ने बकरा ईद को लेकर दिशा निर्देश जारी किए थे। जिसमें कहा गया था कि कोरोना महामारी के चलते सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरुरी है, इसलिए इस बार देवनार का बकरा बाजार बंद रहेगा और बकरों की खरीदारी ऑनलाईन तरीके से की जाए, संभव हो तो प्रतिकात्मक कुर्बानी हो। महानगर के पश्चिमी उपनगर मालाड में रहने वाले अब्दुल कहते हैं कि कुर्बानी के लिए बकरे की खरादारी लोग उसे देख परख कर करते हैं। ऐसे में फोटो देख कर बकरे की ऑनलाईन खरीदारी के लिए लोग तैयार नहीं हैं। इसलिए कहीं भी बकरे की ऑनलाईन खरीद-बिक्री नहीं हो रही है। जानकारी के अनुसार महानगर के मुस्लिम इलाकों में जगह-जगह बकरों की अस्थाई दुकाने खुल गई हैं, जहां लोग बकरों की खरीदारी कर रहे हैं। गौरतलब है कि आगामी 1 अगस्त को देशभर में बकरा ईद का त्यौहार मनाया जाएगा।  

ऑनलाईन खरीदारी की बात शरीयत के खिलाफः खान

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री नसीम खान ने राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिख कर कहा है कि ईद के लिए बकरे की ऑनलाईन खरीदारी के निर्देश से लोग भ्रमित हो गए हैं। खान ने कहा कि ऑनलाईन शब्द का इस्तेमाल इस्लामिक शरीयत में हस्तक्षेप करने जैसा है। मुख्यमंत्री, गृहमंत्री व राजस्व मंत्री को लिखे पत्र में खान ने कहा कि बकरा ईद को लेकर राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश से मुस्लिम समाज में तीब्र नाराजगी है। उन्होंने कहा कि बकरा ईद मनाने को लेकर सरकार की तरफ से स्पष्ट दिशा निर्देश न होने के कारण कुछ जगहों पर बकरा खरीदने वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत की गई है। इससे कानून-व्यवस्था के लिए मुश्किल हालात पैदा होने की आशंका है। इस लिए राज्य सरकार इसको लेकर तुरंत बैठक बुलाए। 
 

कमेंट करें
mNRGu