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राऊत ने कहा - बस अब एनडीए से बाहर निकलने औपचारिकता बाकी, मलिक बोले- हारे जनरल की तरह फडणवीस

राऊत ने कहा - बस अब एनडीए से बाहर निकलने औपचारिकता बाकी, मलिक बोले- हारे जनरल की तरह फडणवीस

डिजिटल डेस्क, मुंबई। शिवसेना के सांसद संजय राऊत ने कहा कि हमारी एनडीए से बाहर निकलने की अब केवल औपचारिकता बाकी है। संसद के शीतकालीन सत्र की पूर्व संध्या पर रविवार को आयोजित एनडीए की बैठक में शिवसेना को आमंत्रित नहीं किया गया है। इस पर शनिवार को राऊत ने कहा कि शिवसेना के सांसद अरविंद सावंत ने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। ऐसी स्थिति में हमने पहले ही तय कर लिया था कि हम एनडीए की बैठक में शामिल नहीं होंगे। पत्रकारों से बातचीत में राऊत ने कहा कि एनडीए किसी की जगीर नहीं है। इसलिए किसी को भ्रम में नहीं रहना चाहिए। शिवसेना और अकाली दल एनडीए के संस्थापक पार्टियों में शामिल है। राऊत ने कहा कि हम महाराष्ट्र के स्वाभिमान के लिए एनडीए से दूर हुए हैं। यदि एनडीए से दूर नहीं हुए होते तो राज्य की जनता हमें माफ नहीं करती। शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे को झूठा साबित करने की कोशिश की गई। यह हम सहन नहीं कर सकते थे। राऊत ने कहा कि भाजपा के पास अगर संख्याबल था तो राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलने के बाद क्यों कहा कि हम सरकार नहीं बना सकते। उन्होंने कहा कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद से भाजपा के नेताओं की भाषा बदल गई है। भाजपा 119 विधायकों के समर्थन के बल पर मुख्यमंत्री बनाने का सपना देख रही है। इससे हमारे मन में शंका है कि भाजपा किस तरीके से सरकार बनाने का दावा कर रही है। राऊत ने कहा कि प्रदेश की नई सरकार पांच साल तक चलेगी। सरकार में शिवसेना का मुख्यमंत्री ही होगा। 

फडणवीस हारे हुए जनरल की तरह फौज का मनोबल बढ़ा रहे हैं - मलिक 

भाजपा के सरकार बनाने के दावे पर राकांपा के प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस हारे हुए जनरल की तरह अपनी हारी हुई फौज का मनोबल बढ़ा रहे हैं। फडणवीस को स्वीकार करना पड़ेगा कि वे हार गए हैं। लेकिन हार स्वीकार करने में थोड़ा समय लगेगा। फडणवीस को कुछ दिनों में पता चलेगा कि वे फिर से मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे। 
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।