दैनिक भास्कर हिंदी:  केन्द्र सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव हाईकोर्ट में तलब

December 19th, 2019

भोपाल गैस पीडि़तों के लिए बने अस्पताल में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन न होने का मामला, अगली सुनवाई 7 को

डिजिटल डेस्क जबलपुर । भोपाल गैस पीडि़तों के लिए बने अस्पताल में कई कमियां होने को आड़े हाथों लेते हुए हाईकोर्ट ने केन्द्र सरकार के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव को तलब किया है। जस्टिस संजय यादव और जस्टिस अतुल श्रीधरन की युगलपीठ ने मॉनीटरिंग कमेटी के सचिव पद पर भी नियुक्ति का आदेश भी 7 जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई पर पेश करने के निर्देश दिए। रतलब है कि भोपाल गैस पीडि़तों को रहीं समस्याओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2012 में भोपाल गैस पीडि़त महिला उद्योग संगठन का मामला हाईकोर्ट को सुनवाई के साथ मॉनीटरिंग करने के लिए भेजा था। इस मामले की सुनवाई अन्य याचिकाओं के साथ हो रही है। मामलों पर बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ, अधिवक्ता उत्तम माहेश्वरी व विजय मौर्य हाजिर हुए। श्री नागरथ ने युगलपीठ को बताया कि इस मामले पर कई मुद्दों पर निर्देश लगातार जारी किए जा रहे हैं लेकिन आज तक उनका पालन नहीं किया जा रहा। यहां तक कि मॉनीटरिंग कमेटी के सचिव का पद बीते अक्टूबर माह से खाली है, लेकिन उस पद पर अभी तक कोई नियुक्ति नहीं की गई। उन्होंने यह भी कहा कि 9 जनवरी 2019 को लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग के सचिव हाईकोर्ट में तलब किए गए थे, लेकिन उनके स्थान पर महिला एडीशनल सेक्रेटरी हाजिर हुईं थीं। इसी तरह गैस पीडि़तों के लिए बने अस्पताल को भोपाल में बने एम्स अस्पताल से मर्ज करने की बात कही जा रही थी, लेकिन अब केन्द्र सरकार उसे केरल के एक अस्पताल से मर्ज करने जा रही, जो व्यवहारिक नहीं है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता हरजस छाबड़ा और केन्द्र सरकार की ओर से अधिवक्ता विक्रम सिंह ने पक्ष रखा। पूरे मामले पर गौर करने के बाद युगलपीठ ने केन्द्र सरकार के सचिव को अगली सुनवाई पर हाजिर होने के निर्देश दिए।
 

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