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बीएसएनएल के दो मुख्यालयों की शिफ्टिंग से जबलपुर सहित पूरे प्रदेश को नुकसान

बीएसएनएल के दो मुख्यालयों की शिफ्टिंग से जबलपुर सहित पूरे प्रदेश को नुकसान

नीति आयोग में याचिका दायर कर की गई पुनर्विचार की माँग
डिजिटल डेस्क जबलपुर । 
जबलपुर से बीएसएनएल के इंस्पेक्शन एंड क्वॉलिटी एश्योरेंस सर्कल को बेंगलुरु और टीटीसी मुख्यालय को गाजियाबाद शिफ्ट किए जाने के निर्णय के खिलाफ नीति आयोग में पुनर्विचार के लिए याचिका प्रस्तुत की गई है। याचिका में कहा गया है कि बीएसएनएल की रिस्ट्रक्चरिंग से जबलपुर सहित पूरे मध्य प्रदेश को नुकसान होगा। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की याचिका में कहा गया है कि बीएसएनएल की रिस्ट्रक्चरिंग का िनर्णय देश के संघीय ढाँचे के सिद्धांत का उल्लंघन है। इस निर्णय के पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री और सांसदों से भी विचार-विमर्श नहीं किया गया। मध्य भारत के राज्यों के लिए सेंट्रल जोन नहीं बनाया गया, इसकी वजह से जबलपुर ही नहीं पूरा मध्य प्रदेश बीएसएनएल के दो महत्वपूर्ण मुख्यालयों से वंचित हो गया। याचिका में कहा गया कि बीएसएनएल के रिस्ट्रक्चरिंग सेल के महाप्रबंधक मनीष कुमार ने 14 जनवरी 2020 को परिपत्र जारी कर जबलपुर इंस्पेक्शन एंड क्वॉलिटी एश्योरेंस एवं टीटीसी मुख्यालय को शिफ्ट करने के लिए कहा है। विलय एक अप्रैल 2020 से प्रभावशील होगा।  विलय की प्रक्रिया 10 से 12 महीने में पूरी की जाएगी। 
मुख्यमंत्री और सांसद से हस्तक्षेप की माँग 
 नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपांडे, रजत भार्गव, डीआर लखेरा और डॉ. एमए खान ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, सांसद राकेश सिंह और सांसद विवेक कृष्ण तन्खा को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने की माँग की है। 
निजीकरण के खिलाफ 26 को हड़ताल
 केंद्रीय शासन की विद्युत विरोधी निजीकरण की नीति के खिलाफ 26 नवंबर को कर्मियों ने हड़ताल का आह्वान किया गया है। मप्र पावर जनरेटिंग कर्मचारी जनता यूनियन के बीके श्रीवास्तव, मोहन अग्रवाल ने बताया कि स्टैंडर्ड बिडिंग डाक्यूमेंट एवं राज्य शासन द्वारा सहमति ने कर्मियों, किसानों, उपभोक्ताओं को परेशानी में डाल दिया है।
 इससे विद्युत उद्योग पूरी तरह से बर्बाद हो जाएँगे। यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि इस स्थिति में ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज की ओर से 26 नवंबर को हड़ताल का आह्वान किया गया है। 
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।