अवैध हो गया था वोट : शिवसेना विधायक कांदे ने चुनाव आयोग के फैसले को हाईकोर्ट में दी चुनौती

June 13th, 2022

डिजिटल डेस्क, मुंबई। शिवसेना विधायक सुहास कांदे ने राज्यसभा चुनाव के दौरान उनके मत को अवैध ठहराए जाने के भारत निर्वाचन आयोग के फैसले को बांबे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अधिवक्ता अजिंक्य उदाने के माध्यम से दायर याचिका में कांदे ने कहा कि चुनाव आयोग का फैसला मेरी गरिमा व प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाता हैं। लिहाजा चुनाव आयोग के फैसले को रद्द कर दिया जाए। सोमवार को अधिवक्ता उदाने ने न्यायमूर्ति एस वी गंगापुरवाला व न्यायमूर्ति धीरज सिंह ठाकुर की खंडपीठ के सामने याचिका का उल्लेख किया और याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए आग्रह किया। इसके बाद खंडपीठ ने 15 जून को याचिका पर सुनवाई करने की बात कही। 

कांदे ने याचिका में कहा है कि 10 जून 2022 को राज्यसभा की 6 सीटों के लिए मतदान हुआ था। इस दौरान मैंने नियमों के अनुसार अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। नियमों के तहत मैंने अपना मतपत्र शिवसेना के सचेतक विधायक सुनील प्रभु को दिखाया था। क्योंकि उन्होंने इस चुनाव को लेकर व्हीप जारी किया था। याचिका में दावा किया गया है कि विधायक योगेश सागर ने मुझ पर मतपत्र की गोपनीयता भंग करने व मतदान से जुड़े प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के साथ ही दूसरे दल के नेता को अपना मतपत्र दिखाने का आरोप लगाया था जबकि यह आरोप गलत है। मैंने शिवसेना नेता प्रभु के अलावा किसी अन्य को अपना मतपत्र नहीं दिखाया है। मुझ पर मतपत्र दिखाने का आरोप मेरे मतदान कक्ष छोड़ने के बाद लगाया गया है। 

कांदे की याचिका के मुताबिक राज्य चुनाव अधिकारी ने अपने फैसले में विधायक सागर के आरोप को तथ्यहीन पाया था और मेरे मत को वैध माना है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले को लेकर केंद्रीय चुनाव आयोग से मुलाकात की थी। लेकिन इससे पहले मुझे कोई नोटिस नहीं दी गई। भारत चुनाव आयोग ने मेरा पक्ष सुने बगैर मेरे वोट को अवैध करार दे दिया। यह नियमों के विपरीत है। गौरतलब है कि शुक्रवार को हुए राज्यसभा चुनाव में तीन सीटे भाजपा जबकि एक-एक सीट शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी व कांग्रेस ने जीती है। इस चुनानव में शिवसेना के दूसरे उम्मीदवार संजय पवार को हार का सामना करना पड़ा था।