दैनिक भास्कर हिंदी: बंगाल चुनाव पर बोलने की शिवसेना की औकात नहीं, शेलार बोले - भाजपा को मिली बड़ी सफलता

May 3rd, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की पराजय को लेकर आलोचना करने वाली शिवसेना पर भाजपा विधायक आशीष शेलार ने पलटवार किया है। सोमवार को शेलार ने कहा कि शिवसेना की पश्चिम बंगाल और बेलगांव के उपचुनाव पर बोलने की औकात नहीं है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में शेलार ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा को अपेक्षा के अनुसार जीत नहीं मिल पाई है लेकिन पिछले चुनावों के तुलना में भाजपा को बड़ी सफलता मिली है। शेलार ने कहा कि प्रदेश के गृहनिर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड कह रहे हैं कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की मुखिया तथा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जीत में राकांपा अध्यक्ष शरद पवार का अदृष्य हाथ है तो कांग्रेस को इसकी चिंता करनी चाहिए। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार पर राकांपा प्रवक्ता तथा प्रदेश के अल्पसंख्यक मंत्री नवाब मलिक ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की थी। इस पर शेलार ने पलटवार करते हुए मलिक से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि मलिक पहले खुद इस्तीफा दें। इसके बाद वे उपमुख्यमंत्री अजित पवार से इस्तीफे की मांग करें। क्योंकि पंढरपुर उपचुनाव में मतदाताओं ने महाविकास आघाड़ी सरकार के खिलाफ जनमत दिया है।  

पूनावाला को धमकी देने वालों की जानकारी है

शेलार ने दावा किया कि उनके पास सीरम संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अदार पूनावाला को धमकी देने वालों की जानकारी है। उन्होंने कहा कि धमकी को लेकर अलग-अलग पार्टियों के नाम आ रहे हैं। उनका संकेत क्षेत्रीय दलों की ओर होगा तो यह गंभीर मुद्दा है। यदि किसी दल ने पूनावाला को धमकी दी है तो भाजपा उसको जरूर उजागर करेगी। पूनावाला को कांग्रेस की ओर से सुरक्षा मुहैया कराने के प्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले के बयान पर शेलार ने कहा कि उन्हें राज्य में कोई गंभीरता से नहीं लेता है।पूनावाला को केंद्र सरकार से सुरक्षा मांगने की जरूरत पड़ी यह गंभीर बात है। 

भाजपा का घमंड कायम: सावंत 

भाजपा नेता शेलार के आरोपों पर कांग्रेस ने पटलवार किया है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि प्रदेश अध्यक्षपटोले ने पूनावाला की शिकायत को लेकर सवाल किया है। उन्होंनेकहा कि देश में कोरोना के मरीजों के बढ़ने के बावजूद केंद्र सरकार ने रेमडेसिविर इजेक्शन और टीके विदेश में भेजे। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर सवाल उठाए हैं। इसके बावजूद भाजपा का घमंड कायम है।